फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Vivek Kumar: डेढ़ साल पहले सीडीएस रावत के पीएसओ बने, जांबाज सिपाही छोड़ गया छह माह का बेटा

Fri, 10 Dec 2021 12:52 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला

सार

विवेक कुमार के साथी कुलवंत ने बताया डेढ़ वर्ष पूर्व ही विवेक सीडीएस बिपिन रावत के साथ तैनात हुए थे। बहुत मेहनती और कर्मठ सैनिक थे। इस कारण उन्हें भारत के सेना प्रमुख के साथ तैनात किया गया था। पढ़ाई में भी होशियार थे। 
विज्ञापन
लांस नायक विवेक कुमार (फाइल) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

तमिलनाडु के कुन्नूर में हेलिकॉप्टर दुर्घटना में जान गंवाने वाले हिमाचल प्रदेश के जांबाज सिपाही विवेक कुमार नौ साल पहले सेना में भर्ती हुए थे। कांगड़ा जिले के जयसिंहपुर के गांव अपर ठेहडू के लांस नायक विवेक कुमार सीडीएस जनरल बिपिन रावत के पीएसओ थे। 

विज्ञापन


विवेक कुमार के साथी कुलवंत ने बताया डेढ़ वर्ष पूर्व ही विवेक सीडीएस बिपिन रावत के साथ तैनात हुए थे। बहुत मेहनती और कर्मठ सैनिक थे। इस कारण उन्हें भारत के सेना प्रमुख के साथ तैनात किया गया था। पढ़ाई में भी होशियार थे। 

विवेक ने सीनियर सेकेंडरी स्कूल कोसरी में शिक्षा प्राप्त की थी। इसके बाद वह सेना में भर्ती हो गए थे। करीब 9 वर्ष तक उन्होंने सेना में सेवाएं दीं। उनका एक छोटा भाई बेकरी में काम करता है और बड़ी बहन की शादी हो गई है। विवेक कुमार की मौत की खबर सुनने के बाद जयसिंहपुर सहित पूरे कांगड़ा जिले में शोक की लहर छा गई है।
विज्ञापन


विवेक कुमार अपने बेटे के जन्म के दौरान छुट्टी लेकर घर आए थे। इस दौरान बेटे के जन्म पर वह कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं कर पाए थे। उन्होंने अपने परिवार से कहा था कि जब उनका बेटा एक साल का हो जाएगा तो उसका पहला जन्मदिन वह धूमधाम से मनाएंगे। बेटे के पहले जन्मदिन पर बड़ा कार्यक्रम करेंगे, लेकिन विवेक की यह तमन्ना अधूरी रह गई। विवेक अपने पीछे छह माह का बेटा छोड़ गए हैं।

विवेक के ताया का लड़का भी पैरा कमांडो था। उनका भी दो साल पहले निधन हो गया था। विवेक के साले का भी 19 साल की उम्र में निधन हो गया था। इससे ससुराल पक्ष का भी विवेक ही सहारा थे। वहां भी वह बेटे की तरह अपने सास और ससुर का ख्याल रख रहे थे।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें