प्रेसवार्ता करते स्वामी गौरीश्वरानंद पुरी।
- फोटो : अमर उजाला
योग गुरू के नाम से चर्चित बाबा रामदेव पर स्वामी गौरीश्वरानंद ने सीधा निशाना साधा है। स्वामी ने प्रेसवार्ता के दौरान दावा किया है कि योग गुरू का सम्मान एकमात्र महर्षि पातंजल ही पाने का पात्र है। बाकी कितने भी सिद्ध, महासिद्ध योगी हो वह योगाचार्य, योग के प्रचारक, योग साधक, योग प्रशिक्षक कहलाएंगे, उन्हें योग गुरू नहीं कहा जा सकता।
अगर कोई अपने नाम के आगे पीछे योग गुरू लिखते हैं तो महर्षि पातंजल का अपमान है। उन्होंने विश्व योग दिवस से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया कि योग का गलत प्रचार में पूर्णतया रोक लगा दी जाए। कपालभाति प्राणायाम नहीं एक क्रिया है।