हिमाचल में गरीबों (बीपीएल) का चयन अब आर्थिक आधार पर होगा। हर जिले से बीपीएल के चयन में शिकायतें आने के बाद अब प्रदेश सरकार आर्थिक सर्वेक्षण करवा रही है। ग्राउंड से रिपोर्ट के आधार पर ही इनका चयन होगा। इससे पहले पंचायत प्रतिनिधि ही ग्रामसभा में गरीब परिवार का चयन करते रहे हैं।
आठ जिलों में आर्थिक सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया गया है। शेष चार जिलों शिमला, सोलन, बिलासपुर और कांगड़ा में सर्वे पूरा होते ही विभाग सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर बीपीएल परिवारों का चयन करेगा। वर्तमान में राज्य में गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) रहने परिवारों की संख्या 2 लाख 82 हजार 370 है।
इनमें से 1 लाख 61 हजार 501 सामान्य वर्ग के बीपीएल हैं। यह संख्या केंद्र सरकार ने तय कर रखी है। अगर कोई बीपीएल परिवार इस शेड्यूल से बाहर होता है, तभी नए परिवारों को बीपीएल सूची में शामिल किया जा सकता है। वर्तमान में ग्राम पंचायतों में 13 पैरामीटर पर चयन होता है।
आमतौर पर ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि किसी भी व्यक्ति को मौजूदा सूची से बाहर करने का जोखिम नहीं लेते हैं। ऐसे में सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण जब आधार होगा तो गलत तरीके से शामिल किए गए ऐसे कई परिवार बीपीएल सूची से बाहर होंगे।
ग्रामीण विकास विभाग के निदेशक डा. अजय शर्मा ने कहा कि अभी सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण चल रहा है। बीपीएल परिवारों का सर्वेक्षण के आधार पर किया जाना है। यह मामला अभी सरकार के पास विचाराधीन है।