सुप्रीमकोर्ट ने छात्र हित में फैसला दिया है। वर्ष 2008 में देश भर के जनजातीय और अनुसूचित जाति छात्रावासों की हालत और व्यवस्थाओं पर सुप्रीमकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। प्रेसवार्ता में विद्यार्थी परिषद के राष्ट्रीय मंत्री आशीष चौहान ने कहा कि कोर्ट ने सभी प्रदेश सरकारों को एससी/एसटी छात्रावासों की व्यवस्था में सुधार करने और खामियां दूर करने को चार माह का समय दिया है। 2006 में एबीवीपी ने देश के 230 जिलों में 1110 छात्रावासों की स्थिति जानने को सर्वे किया।
इसी को आधार बनाकर जनहित याचिका दायर की थी। सर्वे में पाया गया कि छात्रावासों की हालत दयनीय है। पानी, बिजली और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं तक की कमी थी। बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना में 31 मार्च, 2012 तक देश में 433 छात्रावासों का निर्माण होना था, मगर 227 ही छात्रावास बने।