सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरण पर एक बार फिर से चिंता जताते हुए कहा है कि हिमाचल प्रदेश में पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य देखने के लिए जाते हैं न कि काली बर्फ। यह टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने मनाली के टैक्सी ऑपरेटरों को फिलहाल कोई राहत देने से इनकार कर दिया है।
टैक्सी ऑपरेटरों ने रोहतांग पास पर सभी डीजल और पेट्रोल चालित पर्यटक वाहनों के परिचालन पर पाबंदी संबंधी नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश को चुनौती दी है। चीफ जस्टिस टीएस ठाकुर की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने कहा कि एनजीटी ने पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए यह आदेश दिया है।
पारिस्थितिकी को सुंदर बनाए रखना चाहिए। हम इस बात से इनकार नहीं कर सकते कि वाहनों की संख्या से बर्फ पर असर पड़ता है। चीफ जस्टिस ने पर्यावरण मंत्रालय की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल रंजीत कुमार को एनजीटी के आदेश से होने वाले प्रभावों के बारे में बताने के लिए कहा है। पीठ ने सॉलिसिटर जनरल से यह भी बताने के लिए कहा है कि आखिरकार एनजीटी आए दिन निर्देश क्यों जारी कर रहा है।