एक लाख रुपये से हुआ मंदिर निर्माण
पुजारियों के साथ मंदिर पहुंचे राजा ने बांसुरी की विपरीत दिशा को देखकर इसे साक्षात भगवान श्री कृष्ण के मौजूद होने का सबूत माना। मंदिर के पुजारी रवि अवस्थी ने कहा कि मुरली मनोहर मंदिर को लखटकिया मंदिर के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि इसका निर्माण महाराजा संसार चंद के समय में एक लाख रुपये से करवाया गया था। मंदिर के अंदर बेहतरीन नकाशी की गई है। श्रद्धालुओं की मानें तो इस मंदिर में सच्चे मन से मन्नत मांगी जाए तो वह परी होती है।
आचार संहिता से राजनीति से दूर है मेला
चुनाव के चलते इस बार मेले में नेताओं की दूरी ही रहेगी। मेला पूरी तरह से प्रशासनिक रंग में रंगा हुआ नजर आ रहा है। मेले का आगाज मुख्यमंत्री द्वारा किया जाता है लेकिन आचार संहिता के चलते राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल मेले का आगाज करेंगे। इसके अलावा सांस्कृतिक संध्याओं में प्रशासनिक अधिकारियों को मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया है।