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ज्वालामुखी में शारदीय नवरात्रि में होंगे पुख्ता प्रबंध, सुबह चार बजे खुलेंगे नंदिकेश्वर धाम के कपाट

Sat, 18 Sep 2021 06:03 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, ज्वालामुखी (कांगड़ा)

सार

शक्तिपीठ ज्वालामुखी में सहायक मंदिर आयुक्त एवं एसडीएम ज्वालामुखी धनवीर ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें निर्णय लिया गया कि मेले में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो। 
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ज्वालामुखी मंदिर कांगड़ा(फाइल) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सात से 16 अक्तूबर तक चलने वाले अश्विन माह के शारदीय नवरात्रि मेले के बेहतर प्रबंधन के लिए शनिवार को हिमाचल प्रदेश के शक्तिपीठ ज्वालामुखी में सहायक मंदिर आयुक्त एवं एसडीएम ज्वालामुखी धनवीर ठाकुर की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें निर्णय लिया गया कि मेले में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी ताकि उन्हें कोई असुविधा न हो। नवरात्रि में यातायात प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था के लिए डीएसपी ज्वालामुखी चंद्रपाल सिंह और थाना प्रभारी जीत सिंह को जिम्मेवारी सौंपी गई है। मंदिर में नवरात्र के दौरान शस्त्र तथा विस्फोटक पदार्थ ले जाने पर प्रतिबंध लगाया गया और धारा-144 लागू रहेगी। सफाई व्यवस्था की जिम्मेवारी नगर परिषद ज्वालामुखी की रहेगी, जिसके लिए नगर परिषद अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा और कार्यकारी अधिकारी हितेश शर्मा को जिम्मेवारी सौंपी गई। नवरात्रि में 15 अतिरिक्त सफाई कर्मचारी मुहैया करवाए जाएंगे। भिक्षावृत्ति पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, जिसकी जिम्मेवारी पुलिस विभाग की होगी।

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खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी संजय कुमार को नवरात्र में बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिम्मेवारी सौंपी गई है। पानी और बिजली व्यवस्था के लिए जल शक्ति व विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। मंदिर में नारियल और ढोल-नगाड़े लेकर जाने पर प्रतिबंध रहेगा। मां के दरबार को फूलों और लाइटों से सजाने का भी प्रावधान रखा गया है। नवरात्रों में 30 अतिरिक्त अस्थायी कर्मचारी भी रखे जाएंगे, ताकि व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त हो सके। यात्रियों को पर्ची सिस्टम से ही पूर्व की तरह मंदिर में दर्शन करवाए जाएंगे और प्रदेश सरकार की ओर से जो भी दर्शनों के लिए एसओपी जारी की जाएगी, उसकी अनुपालना की जाएगी। नवरात्र में 50 होमगार्ड और अतिरिक्त पुलिस बटालियन सुरक्षा व्यवस्था के लिए आएगी। इस मौके पर मंदिर अधिकारी तहसीलदार निर्मल सिंह ठाकुर, न्यास सदस्य, डीएसपी ज्वालामुखी चंद्रपाल सिंह, थाना प्रभारी जीत सिंह, ज्वालामुखी नगर परिषद अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, कार्यकारी अधिकारी हितेश शर्मा, पर्यटन विभाग, विद्युत विभाग, परिवहन विभाग, जल शक्ति विभाग व अन्य विभिन्न विभागों से आए अधिकारी बैठक में उपस्थित रहे।

बैठक में देर से पहुंचने वाले अधिकारियों पर गुस्साए एसडीएम 
मंदिर न्यास ज्वालामुखी की बैठक 11 बजे मंदिर परिसर में रखी गई थी। इसकी सूचना सभी विभागों के अधिकारियों व न्यास सदस्यों को दी गई थी। एसडीएम ज्वालामुखी, मंदिर अधिकारी सभी समय पर पहुंच गए थे, परंतु कई अधिकारियों के देरी से पहुंचने पर एसडीएम ज्वालामुखी काफी नाराज हुए और उन पर खूब भड़के। उन्होंने सभी अधिकारियों को चेतावनी दी कि भविष्य में इस प्रकार की कोताही न होने पाए। जो समय बैठक के लिए निर्धारित किया गया है, उसी के अनुसार सभी आएं क्योंकि सभी का समय कीमती है। बैठक की मर्यादा तभी बनी रहेगी, जब सभी समय के पाबंद रहेंगे और समय की नजाकत को समझेंगे।
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वहीं, शारदीय नवरात्रि को लेकर शनिवार को चामुंडा नंदिकेश्वर धाम में मंदिर सहायक आयुक्त एवं एसडीएम धर्मशाला हरीश गज्जू की अध्यक्षता में बैठक का आयोजन किया गया। इसमें नवरात्र के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाने और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। नवरात्र में चलने वाली पूजा-अर्चना में मनु सूद मुख्य यजमान और अजीत कपूर को सहायक यजमान नियुक्त किया गया है। मंदिर अधिकारी अपूर्व शर्मा ने बताया कि नवरात्र के दौरान एक रिजर्व फोर्स और 15 होमगार्ड के जवान तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा लंगर लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। सफाई की व्यवस्था के लिए इस बार भी सुलभ शौचालय को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिसके लिए अतिरिक्त कर्मचारी तैनात किए जाएंगे। मंदिर के साथ बहती बाण गंगा में नहाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। माता के दर्शनों के लिए मंदिर को सुबह 4 बजे खोल दिया जाएगा और रात 10 बजे मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे। मंदिर में प्रसाद चढ़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। चामुंडा मंदिर में कोविड एसओपी के तहत दर्शन करवाए जाएंगे। गर्भ गृह में जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। वहीं, खुले में लंगर लगाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा जबकि पैकिंग कर लंगर बांटने की छूट रहेगी। 

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