मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जिला शिमला में पानी के अवैध कनेक्शन तुरंत काटने के आदेश दिए हैं। शनिवार को बचत भवन शिमला में आयोजित बीस सूत्रीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पानी के घरेलू कनेक्शनों का व्यवसायिक प्रयोग होने की शिकायतें आने पर मुख्यमंत्री ने यह आदेश दिए। यही नहीं मुख्यमंत्री ने आईपीएच महकमे से पांच दिन के भीतर उन्हें काटे गए कनेक्शनों की रिपोर्ट देने को भी कहा है।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि पब्बर नदी के तटीकरण के कार्य को गति प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को केंद्रीय जल एवं ऊर्जा प्रबंधन के साथ आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
साथ ही राज्य के सभी भागों में वन भूमि पर अवैध कब्जों को हटाने को कहा। जिला में चल रहे सड़क निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने और रिपेयर कार्य करने को कहा। उन्होंने कहा कि लोगों को अपने क्षेत्र में सड़क निर्माण के लिए सहयोग देना चाहिए और स्वेच्छा से इसके लिए भूमि दान करनी चाहिए।
चौपाल की दूरवर्ती पंचायत धार चांदना में शेष बचे सड़क निर्माण कार्य को नए सिरे से किया जाए। रोहडू में समोली बाईपास के निर्माण कार्य के लिए भूमि के मामले को सुलझाया जाए ताकि लोगों को सड़क सुविधा मिले। रोहडू-चिड़गांव सड़क को चौड़ा करने का कार्य प्राथमिकता के आधार पर करें और चिड़गांव से डोडरा तक सड़क को पक्का किया जाए।
ब्लैक लिस्ट होंगे काम न करने वाले ठेकेदार
मुख्यमंत्री ने चौपाल क्षेत्र में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग की कुछ योजनाओं में एक से अधिक ठेकेदारों को निविदाएं आवंटित करने के मामले पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि एक योजना का कार्य एक से अधिक ठेकेदार को देने पर कड़ी कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य, लोक निर्माण और विद्युत बोर्ड के अधिकारियों को ऐसे ठेकेदारों को पांच वर्षों के लिए ब्लैक लिस्ट करने को कहा जो कार्य आवंटित होने पर कार्य शुरू करने में देरी कर रहे हैं। कहा कि ऐसे ठेकेदारों को निविदाओं की प्रक्रिया में भाग लेने के लिए कम से कम पांच वर्षों तक अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
सीपीएस और विधायक भी समस्याओं से परेशान
बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों, जिला परिषद सदस्यों के अलावा सीपीएस नंदलाल और विधायक बलवीर वर्मा ने भी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने की। मुख्य संसदीय सचिव नंदलाल ने कहा कि रामपुर में गैस सिलेंडरों की भारी किल्लत है।
निर्धारित लोड से कम सप्लाई रामपुर और आसपास के क्षेत्रों में पहुंच रही है। भारी संख्या में गैस सिलेंडरों का क्षेत्र में बैकलॉग हो गया है। रसोई गैस के लिए लोग यहां-वहां भटकने को मजबूर हैं। चौपाल के विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में तीन माह से गैस सिलेंडरों की किल्लत चल रही है।
इस पर मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को रसोई गैस संकट को जल्द दूर करने को कहा। कसुम्पटी के विधायक अनिरुद्ध सिंह ने मुख्यमंत्री से जिला परिषद का आफिस बनाने की मांग की। कहा कि मामला टीसीपी विभाग में फंसा है। इस पर मुख्यमंत्री ने टीसीपी विभाग को मामले की फाइल कैबिनेट में भेजने के आदेश दिए।
कम सप्लाई देने पर नपेंगी गैस एजेंसियां
बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक में उठे घरेलू गैस सिलेंडरों की सप्लाई के मुद्दे पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह काफी गंभीर दिखे। उन्होंने कहा कि शिकायतें मिल रही हैं कि गैस सिलेंडरों में निर्धारित मात्रा से कम गैस होती है। इसकी भी गहनता से जांच होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को समय पर रसोई गैस की सप्लाई मिलती रहेगी तो जंगलों में अवैध कटान नहीं होगा।
उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा ने इंडियन ऑयल कारपोरेशन से आए अधिकारी को एक माह के भीतर जिला में रसोई गैस की आपूर्ति नियमित करने को कहा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि प्रदेश को ऊपरी और निचले हिमाचल में बांटने वाले प्रदेश के दुश्मन हैं। अपनी राजनीति चमकाने के लिए कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभागार में बैठे सभी लोग पढ़े लिखे हैं। सभी जानते हैं कि कौन प्रदेश को बांटता आया है। कांग्रेस के प्रयासों से ही हिमाचल को एक अलग राज्य का दर्जा मिला है। प्रदेश को बांटने वाले विकास और तरक्की के बाधक हैं।
विद्युत बोर्ड अफसरों की जमकर खिंचाई
शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के तहत सुन्नी के विद्युत डिवीजन के अफसरों को मुख्यमंत्री ने जमकर लताड़ लगाई। स्थानीय जनप्रतिनिधि ने शिकायत करते हुए कहा कि बिजली बिल का भुगतान करने के बावजूद बोर्ड ने स्थानीय अस्पताल, स्कूल और पोस्ट आफिस सहित कई अन्य जगह की बिजली काट दी है।
चार दिन तक लोग अंधेरे में रहे। बोर्ड के अधिकारियों को जमा करवाए बिजली बिल भी दिखाए गए लेकिन बिजली की सप्लाई नहीं जोड़ी गई। इस पर मुख्यमंत्री गुस्सा हो गए और उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच के आदेश दिए।
तीन साल बाद हुई समीक्षा बैठक
शनिवार को हुई बीस सूत्रीय कार्यक्रम की समीक्षा बैठक तीन साल बाद की गई। इस पर मुख्यमंत्री ने आदेश दिए कि एक साल में दो बार यह बैठक होनी चाहिए। बैठक में सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स, मुख्य संसदीय सचिव नंदलाल, रोहित ठाकुर, विधायक बलवीर वर्मा, अनिरुद्ध सिंह, मोहन लाल ब्राक्टा, एपीएमसी के अध्यक्ष सुभाष मंगलेट।
कैलाश फेडरेशन के अध्यक्ष बृज लाल, एचपीएसआईडीसी के उपाध्यक्ष अतुल शर्मा, पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा, जिला कांग्रेस समिति ग्रामीण के अध्यक्ष केहर सिंह खाची सहित जिला परिषद के सदस्य, पंचायत प्रधान, पंचायत समितियों के अध्यक्ष और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
शिमला में लट्ठों के अब डिजिटल प्रिंट भी मिलेंगे
राजधानी के लोगों को अब राजस्व रिकार्ड लेने के लिए परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उपायुक्त दफ्तर के परिसर में राष्ट्रीय भू रिकार्ड सुगम केंद्र खुल गया है। शनिवार को मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने केंद्र का शुभारंभ किया। भू-पंजीकरण से संबंधित परिवर्तन का सही रिकार्ड रखने में विभागों को भी मदद मिलेगी। प्रशासन में दक्षता और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। इसके माध्यम से 51 विभागों से संबंधित जन सेवाएं दो चरणों में लोगों को मुहैया करवाई जाएंगी।
शनिवार को मुख्यमंत्री ने उपायुक्त दफ्तर के परिसर में सम्मेलन कक्ष जिसे रोशन हाल नाम दिया है, आपदा प्रबंधन कॉल सेंटर, ई स्टेंपिंग सेंटर का शुभारंभ किया। सुगम केंद्र में स्थापित किए ई-स्टेपिंग केंद्र से जनता को 200 रुपये तक किसी भी मूल्य वर्ग की नॉन-जूडिशियल स्टैंप सर्टिफिकेट मुहैया होंगे। केंद्र से जारी स्टैंप में किसी भी तरह की छेड़खानी नहीं हो सकती। इनका ऑनलाइन सत्यापन भी किया जा सकता है।
शीघ्र ही यह सुविधा उपमंडल, तहसील और सब तहसील स्तर भी मिलेगी। डिजिटल मुसाबी तकनीक के माध्यम से खराब हो चुके लट्ठों के डिजिटल प्रिंट उपलब्ध करवाएं जाएंगे। उपायुक्त कार्यालय में स्थापित आधुनिक सम्मलेन कक्ष में 30 से अधिक लोगों के बैठने की सुविधा होगी। इसमें छोटे स्तर के सम्मेलन और बैठकों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं मुहैया करवाई गईं हैं।