हिमुडा ने खुद फ्लैट बनाने से हाथ खड़े कर दिए हैं। इस काम को अब विदेशी कंपनियों को सौंपा जा रहा है। कंपनियों से बात हो गई है। 19 अक्तूबर को दिल्ली में विदेशी कंपनियों के साथ बैठक होगी। हिमुडा का मानना है कि प्रदेश सहित बाहरी राज्यों के बिल्डर सूबे में कालोनियां बनाने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं।
इसके चलते सरकार ने विदेशी कंपनियों को फ्लैट बनाने का ऑफर दिया है। जमीन व सारी औपचारिकताएं सरकार पूरी करेगी। ये बिल्डर सिर्फ हिमाचल में कंस्ट्रक्शन का काम करेंगे। पीपीपी मोड पर ये काम होगा। बैठक में प्रदेश शहरी आवास मंत्री, हिमुडा के अधिकारी और विदेशी कंपनियों के बिल्डर शामिल होंगे।
हिमुडा इन दिनों सभी जिलों से जमीन की सूची मंगवा रहा है। धर्मशाला, सोलन, शिमला, हमीरपुर और कांगड़ा में हिमुडा ने जमीन देखी है। यहां हिमुडा को 400 बीघा से ज्यादा जमीन मिल रही है।