हिमाचल के चंबा जिले के डलहौजी में मां काली का रूप पोहलानी स्थापित है। मां पोहलानी को पहलवानों की देवी कहा जाता है। मान्यता है कि हजारों वर्ष पहले इस डैनकुंड की पहाड़ी से जो भी आता था, यहां रहने वाले राक्षस उन्हें खा जाते थे।
जब अत्याचार बढ़ गए तो डैनकुंड की एक चट्टान से मां काली कन्या रूप में प्रकट हुईं। माता ने पहलवान के रूप में उन राक्षसों और डायनों का संहार किया। तब से इस मंदिर का नाम पोहलवानी फिर पोहलानी पड़ा।
कहते हैं कि डैनकुंड नामक जगह पर डायनें रहती थी यंहा पर आज भी कुंड हैं। लोगों का मानना है कि डायन अमावस्या पर यहां आज भी डायनें आती हैं। मां यहां के लोगों की रक्षा करती हैं और उनकी मन्नतें पूरी करती हैं।