मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि टैक्स हाट कर अनुपालन में सुधार के लिए अग्रणी तंत्र है। उन्होंने कहा कि कर राष्ट्र के विकास एवं समृद्धि में बहुत अहम भूमिका निभाता है। राजस्व के बिना कोई भी प्रदेश समृद्ध नहीं बन सकता।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शुक्रवार को राज्य कर एवं आबकारी विभाग के टैक्स हाट कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्स हाट कर अनुपालन में सुधार के लिए अग्रणी तंत्र है। उन्होंने कहा कि कर राष्ट्र के विकास एवं समृद्धि में बहुत अहम भूमिका निभाता है। राजस्व के बिना कोई भी प्रदेश समृद्ध नहीं बन सकता। उन्होंने राज्य कर एवं आबकारी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि उनके निरंतर प्रयासों से ही प्रदेश का राजस्व वर्ष 1974.75 में 11 करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2020-21 में 7044 करोड़ रुपये हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के कर प्रशासन की यात्रा सामान्य बिक्री कर अधिनियम 1968 से आरंभ हुई जो मूल्य वर्धित कर अधिनियम 2005 को पार करते हुए वर्तमान वस्तु एवं सेवा कर तक पहुंची।
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सरकार ने व्यापारियों की कठिनाइयों का हमेशा ध्यान रखा है क्योंकि व्यापारी वर्ग की कर एकत्रीकरण में एक अहम भूमिका है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने व्यापारियों की सुविधा का ध्यान रखते हुए जिला स्तर पर टैक्स फैसिलिटेशन सेल स्थापित किए हैं जहां पर व्यापारी अपनी कराधान से संबंधित मुश्किलों को हल कर सकते हैं। उन्होंने विभाग के ट्विटर और फेसबुक पेज का शुभारंभ भी किया। मुख्यमंत्री ने राज्य कर एवं आबकारी विभाग की 51 वर्षों की गौरवशाली यात्रा पर आधारित पुस्तक का विमोचन भी किया। राज्य कर एवं आबकारी आयुक्त यूनुस ने विभाग की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी दी।
समयबद्ध तरीके से तीन चरणों में होगा समाधान
अतिरिक्त मुख्य सचिव जेसी शर्मा ने बताया कि कार्यक्रम के तहत हितधारकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान तीन चरणों में किया जाएगा। ऑनलाइन माध्यम से करदाता अपनी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं को विभाग की वेबसाइट के माध्यम से उठा सकते हैं जिसका समाधान संबंधित अधिकारियों की ओर से निश्चित अवधि में किया जाएगा।