राज्यस्तरीय अंडर-14 सांस्कृतिक एवं एथलेटिक्स प्रतियोगिता में बदइंतजामी का शिकार स्कूली बच्चे बन गए हैं। धर्मशाला के ब्वॉयज स्कूल में वीरवार को शुरू हुई प्रतियोगिता में म्यूजिक से जुड़ी प्रतियोगिताओं में जज पीटीआई लगाए गए।
इसके बाद जो रिजल्ट सामने आया, उसे देख मंडी, सोलन और शिमला से आए प्रतिभागी हैरान-परेशान थे। शाम होते होते ये नाराजगी इस हद तक बढ़ गई कि प्रतिभागी बच्चों और साथ आए शिक्षकों ने अमर उजाला को जब सारी कहानी बताई तो आंसू भी बह निकले।
संगीत अध्यापकों की मानें तो आयोजनकर्ताओं ने प्रतियोगिता में केवल खानापूर्ति ही की है। इतना ही नहीं अध्यापकों ने आरोप लगाते हुए परिणामों के साथ छेड़छाड़ का भी आरोप लगाया है। वीरवार को छात्र स्कूल धर्मशाला में पूरा दिन भर वोकल म्यूजिक, ग्रुप सांग और वन एक्ट प्ले प्रतिस्पर्धाएं करवाई गईं।
इन सभी में शारीरिक शिक्षकों की एक ही निर्णायक मंडली बैठी। प्रतियोगिता में आए संगीत अध्यापकों की मानें तो प्रतियोगिता में मंडी, सोलन और शिमला की बेहतरीन प्रस्तुतियां दीं, लेकिन परिणाम आने के बाद इन जिलों के प्रतिभागियों का दूर-दूर तक कोई नाम नहीं था। प्रतियोगिता का समापन शुक्रवार को होना था और सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धाओं के परिणाम घोषित कर शिक्षा विभाग के एक अधिकारी के हाथों ट्रॉफियां भी बंटवा दी।
सर्दी में भी एक दरी पर सो रही छात्राएं
अमर उजाला ने जब इन प्रतिभागियों को ठहराए जाने वाले स्थानों का दौरा किया तो पता चला कि प्रतियोगिता के लिए प्रदेशभर से आई कई छात्राओं को दरी पर सुलाया जा रहा है। खिलाड़ी छात्राओं ने अपने घर से सोने के लिए कंबल तो लाए थे, लेकिन नीचे बिछाने के लिए स्कूल प्रशासन ने केवल एक दरी ही दी। इससे सर्दी के इस मौसम में छात्राओं की रातें दरी पर ही बीती हैं।