प्रदेश में एसपीओ की भर्ती पांच साल से अधिक अवधि के लिए नहीं होगी। अधिसूचित नियमों के अनुसार शुरुआती दौर में 89 दिन के लिए एसपीओ को लगाया जाएगा और आचरण संतोषजनक रहने पर एक दिन का अंतराल रखकर दोबारा रखा जाएगा। किसी भी एसपीओ को पांच साल से अधिक समय के लिए नहीं रखा जाएगा।
अधिसूचना के अनुसार हर महीने दस तारीख को एसपी एसपीओ की ओर से की गई लंबी दूरी की गश्त के दौरान एकत्रित सूचनाओं पर चर्चा कर उसे एडीजी प्रशिक्षण को भेजेंगे। वर्तमान में प्रदेश के चंबा और लाहौल में करीब चार सौ एसपीओ पुलिस के साथ आंतरिक सुरक्षा के लिए काम कर रहे हैं। ये पुलिस के साथ काम करते हैं लेकिन इनकी नियुक्ति के लिए कोई मानक तय नहीं था।
अब मानक तय कर दिए गए हैं। हिमाचल सरकार ने वर्ष 2007 में अपना अधिनियम तो बनाया, मगर उसके बाद नियम नहीं बनाए। पहले जो एसपीओ रखे जाते थे, उनके कोई नियम नहीं थे। पहली बार यह नियम बनाए गए है। नियमोें में चंबा और लाहौल स्पीति का जिक्र नहीं है, ऐसे में यह नियम प्रदेश में अन्य जिलों में भविष्य में एसपीओ की भर्ती की संभावना भी खोल रहे हैं।
18 से 35 साल आयु, दसवीं पास होगी योग्यता
नियुक्ति के लिए कई तरह की शर्तें तय की गई हैं। एसपीओ को वर्तमान में सरकार सात हजार रुपये भत्ता दे रही है। आवेदन के लिए 18 से 35 साल की आयु और दसवीं पास होने की शैक्षणिक शर्त रखी गई है। शारीरिक दक्षता परीक्षा में 800 मीटर दौड़, लंबी कूद, लंबाई, खेल औप सांस्कृतिक क्रियाकलाप, एसपीसीओ और एसएसबी स्वयंसेवक प्रशिक्षण रखने के अलग अलग कुल 35 अंक रखे गए हैं। पांच अंक का साक्षात्कार होगा।