प्रदेश हाईकोर्ट ने रेणुका बांध की मुआवजा राशि में 29.58 लाख रुपये की धोखाधड़ी मामले में धीमी जांच पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने एसपी सिरमौर को इस मामले में गठित विशेष टीम के जांच रिकॉर्ड के साथ तलब किया है।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने रेणुका बांध की मुआवजा राशि में 29.58 लाख रुपये की धोखाधड़ी मामले में धीमी जांच पर कड़ा रुख अपनाया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा ने एसपी सिरमौर को इस मामले में गठित विशेष टीम के जांच रिकॉर्ड के साथ तलब किया है। अदालत ने एसपी को आदेश दिए हैं कि मामले की जांच में देरी होने के कारण को स्पष्ट किया जाए। मामले की सुनवाई अब 24 मार्च को निर्धारित की गई है। अदालत के आदेशों की अनुपालना में दो महीनों में जांच पूरी न करने पर एसपी सिरमौर ने 3 नवंबर 2022 को तीन महीनों का अतिरिक्त समय मांगा था। इसके बावजूद भी जांच टीम अदालत के समक्ष रिपोर्ट पेश करने में नाकाम रही। अदालत ने रेणुका बांध निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण के मुआवजे को लेकर मुवक्किल से धोखाधड़ी करने पर आरोपी वकील के खिलाफ विशेष जांच टीम गठित करने के आदेश दिए थे।
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दफ्तरों को बंद करने के फैसले पर सुनवाई टली
शिमला। सुक्खू सरकार के दफ्तरों को बंद करने के फैसले पर हिमाचल हाईकोर्ट में अब 4 अप्रैल को सुनवाई निर्धारित की गई है। महाधिवक्ता की ओर से याचिका की व्यवहार्यता, स्वीकार्यता और इसके टिकाऊपन पर बहस की जाएगी। सोमवार को सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने आपत्ति दर्ज करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता इस तरह की याचिका दायर कर सकता है। अदालत के ध्यान में लाया गया कि ऐसे मामले अदालत के समक्ष पहले से ही लंबित हैं।