बर्फबारी से खराब चल रहे हालात के बाद हिमाचल सरकार ने सैलानियों को कुल्लू मनाली न जाने की चेतावनी जारी कर दी है। पुलिस भी एसएमएस के जरिए लोगों को इन क्षेत्रों में न जाने के लिए अलर्ट कर रही है।
बर्फबारी के चलते मनाली और कुल्लू में यातायात ठप हो गया है। इसके अलावा यहां बिजली, पानी का भी संकट पैदा हो गया है। इलको की 315 सड़कें पूरी तरह से बंद पड़ी है। जिले में अभी भी करीब दो दर्जन सैलानी बर्फ में फंसे हुए हैं। इन्हें निकाला जा रहा है।
हालात पर नजर रखते हुए प्रशासन ने मनाली जाने पर टूरिस्टों को चेतावनी जारी कर दी है।
रोहतांग दर्रा बहाल करने का दावा
हिमाचल में बर्फबारी के पांच दिन बाद भी जनजीवन सामान्य नहीं हो पाया है। कई सड़कें अभी भी बंद है जबकि बर्फबारी वाले इलाकों में अभी भी दूर संचार और बिजली व्यवस्था ठप पड़ी है। वहीं, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के अधिकारियों ने रोहतांग दर्रा को दो दिन में बहाल करने का दावा किया है।
बीआरओ के जवान और अधिकारी मार्ग को बहाल करने में डटे हैं। लाहौल की ओर से बीआरओ के जवान बर्फ हटाते हुए ग्रांफू से आगे निकल चुके हैं। बीआरओ के जवानों ने बताया कि रोहतांग की ओर मौसम साफ है, लेकिन तेज हवाओं के साथ बर्फ हटाना जारी है।
जमाव बिंदु के बीच उस ओर काम करना काफी मुश्किल भरा है। इधर, घाटी के लोगों ने प्रदेश सरकार से लाहौल घाटी के लिए शीतकालीन हेलीकॉप्टर सुविधा को जल्द शुरू करने की मांग की है।
बिजली उत्पादन हुआ ठप
हिमाचल प्रदेश में भारी बर्फबारी से बिजली उत्पादन प्रभावित हुआ है। नदियों में जल स्तर कम होने के कारण उत्पादन एक चौथाई से भी कम हो गया है। गर्मी और बरसात के दिनों में बोर्ड ने उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली से बैंकिंग किया था। यानी हिमाचल प्रदेश ने उधार के तौर पर इन राज्यों को बिजली दी थी।
उस बिजली को हिमाचल प्रदेश अब रोजाना पांच से छह मिलियन यूनिट रोजाना वापस ले रहा है। अगर यह बैंकिंग नहीं की गई होती तो आज प्रदेश की बिजली व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो जाती। इसके अलावा प्रदेश सरकार से डेढ़ सौ मेगावाट बिजली राज्य सरकार से खरीदनी पड़ रही है। इतना ही नहीं बल्कि सात मिलियन यूनिट रोजाना सेंट्रल पुल से प्रदेश को शेयर मिल रहा है।
इससे प्रदेश की आपूर्ति को सामान्य की जा रही है। राज्य विद्युत बोर्ड के प्रबंध निदेशक पीसी नेगी ने बताया कि निश्चित तौर पर हिमपात से बिजली उत्पादन काफी कम हो गया है। ऐसे में चार राज्यों से बैंकिंग की बिजली वापस ली जा रही है। सेंट्रल पुल और राज्य सरकार से कुछ बिजली लेकर आपूर्ति सामान्य की जा रही है।
कुल्लू में नहीं सुधर रहे हालात
कुल्लू में बर्फबारी के पांच दिन बाद भी समूची घाटी अंधरे में डूबी है। दूरसंचार व्यवस्था ठप है। लोगों का एक-दूसरे से संपर्क कटा हुआ है। यातायात व्यवस्था भी ठप है। कुल्लू जिले में एचआरटीसी के कुल 192 रूटों में से मात्र 40 के करीब ही बहाल हो सके हैं जबकि 150 के करीब रूट अभी बंद हैं।
निगम की 13 बसें ग्रामीण रूटों पर फंसी हैं। हरिपुर के कुमारहटी में हिमखंड गिरने से पच्चीस भेड़ों की मौत हो गई है। रामपुर, आनी और कुमारसैन में पाचवें दिन भी बसों की आवाजाही नहीं हो पाई। रामपुर में बुधवार को ग्रामीण रूट बंद रहे।
हालांकि परिवहन निगम जहां तक सड़क से बर्फ हटा दी गई है वहां तक बसें भेज रहा है। रामपुर के अधिकतर क्षेत्रों में अभी भी बिजली गुल है। रोहड़ू शिमला मार्ग के अलावा 9 ग्रामीण रूट अभी बंद है। मंडी में गांवों में पानी के लिए हाहाकार मचा है। लोनिवि ने करसोग-मंडी स्टेट हाइवे और बरोट घटासनी मार्ग बहाल कर दिया है लेकिन क्षेत्रों की 25 सड़कें यातायात के लिए बाधित हैं। जिले की 17 पेयजल योजनाएं ठप हैं।