पुलिस ग्राउंड धर्मशाला में जिला स्तरीय दशहरा उत्सव के दौरान शाम करीब 7:30 बजे हुई आतिशबाजी से करीब आधा दर्जन लोग घायल हो गए।
आतिशबाजी से घायल चार लोगों को तुरंत धर्मशाला अस्पताल ले जाया गया। यहां डाक्टर ने झुलसे लोगों को मरहम पट्टी कर घर भेजा। बड़ोल निवासी इंद्रा जग्गी और मंडी निवासी विकास आतिशबाजी से काफी झुलस गए हैं।
इसके अलावा आतिशबाजी से प्रभा देवी और लेखराज भी घायल हुए हैं। हालांकि, दशहरा उत्सव के दौरान हुई इस घटना के बारे में जिला प्रशासन इनकार कर रहा है।
एसबीआई चंडीगढ़ में बतौर एजीएम तैनात बड़ोल निवासी राजन भदवार ने बताया कि उनका परिवार जिला स्तरीय दशहरा उत्सव देखने पुलिस ग्राउंड धर्मशाला गया था।
उनके साथ उनकी पत्नी इंद्रा जग्गी, दो बच्चे और मंडी निवासी पारिवारिक सदस्य विकास साथ गए थे। उन्होंने बताया कि शाम करीब 7:30 बजे रावण दहन के बाद पुलिस ग्राउंड में आतिशबाजी शुरू हुई। आतिशबाजी पंडालों के साथ गिरने लगी। इसी दौरान करीब आधा दर्जन से ज्यादा लोग आतिशबाजी से झुलस गए।
इस दौरान उनकी पत्नी, बेटी और पारिवारिक सदस्य विकास झुलस गए। इन्हें तुरंत धर्मशाला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, उनकी बेटी को आतिशबाजी के दौरान ज्यादा चोट नहीं लगी।
उन्होंने बताया कि आतिशबाजी से कइयों के तो कपड़े जल गए। उन्होंने दावा किया कि कई लोग घायल हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि दशहरा उत्सव के दौरान पुलिस ग्राउंड में शाम 7:30 बजे के करीब सुरक्षा व्यवस्था का कोई अता पता नहीं था।
धर्मशाला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डाक्टर कुमार सौरभ ने बताया कि दशहरा उत्सव में आतिशबाजी से झुलसे चार लोग प्रभा देवी, इंद्रा जग्गी, विकास और लेखराज इलाज करवाने के लिए अस्पताल आए थे। झुलसे लोगों की ड्रेसिंग करने के साथ टीटी के इंजेक्शन और मरहम पट्टी की गई।