एक माह के भीतर गाड़ापरली पंचायत से पांच मरीजों को कुर्सी पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ा है। स्थानीय निवासी रामकृष्ण, निमत राम, डाबे राम, मीरादेई, श्यामला और शकुंतला देवी ने कहा कि ग्रामीण सड़क निर्माण की बार-बार मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की सैंज घाटी की दुर्गम पंचायत गाड़ापारली के मझाण गांव की बुजुर्ग मरीज नारा देवी (83) को रविवार को पीठ पर उठाकर निहारणी में सड़क तक पहुंचाने के लिए दस किलोमीटर का सफर करना पड़ा। इसमें सात घंटे का समय लगा। बुजुर्ग महिला को पेट दर्द की शिकायत थी। दर्द बढ़ने पर परिजनों ने उन्हें अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया, लेकिन सड़क गांव तक न होने से महिला मरीज को पीठ पर उठाकर मुख्य सड़क तक लाना पड़ा। ऊबड़-खाबड़ रास्ते से बुजुर्ग को सड़क तक लाने में सात घंटे लग गए। उसके बाद मरीज को निजी वाहन से जिला मुख्यालय कुल्लू लाया गया और निजी अस्पताल में उपचार करवाया गया।
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उल्लेखनीय है कि एक माह के भीतर गाड़ापरली पंचायत से पांच मरीजों को कुर्सी पर उठाकर सड़क तक पहुंचाना पड़ा है। स्थानीय निवासी रामकृष्ण, निमत राम, डाबे राम, मीरादेई, श्यामला और शकुंतला देवी ने कहा कि ग्रामीण सड़क निर्माण की बार-बार मांग कर रहे हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सड़क, स्वास्थ्य और दूरसंचार सेवाएं न होने से ग्रामीणों का संपर्क शेष दुनिया से कटा रहता है। पंचायत गाड़ापारली की प्रधान यमुना देवी ने कहा कि प्रतिनिधि व ग्रामीण कई बार सड़क निर्माण की मांग लोनिवि और प्रशासन से कर चुके हैं। उधर, लोनिवि बंजार के अधिशासी अभियंता चमन ठाकुर ने कहा कि सड़क का सर्वे हो चुका है। लोगों की ओर से सड़क के लिए जमीन देने के बाद ही आगामी प्रक्रिया शुरू होगी।