फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अस्पताल जहां पर्ची बनती है, दवा नहीं मिलती

Wed, 25 May 2016 12:16 PM IST
दीपक मेहता/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
मरीज चिकित्सक की लिखी दवा को दुकानों से खरीदने को मजबूर हैं। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
राजधानी के एकमात्र आयुर्वेदिक अस्पताल में दवाइयों का टोटा पड़ गया है। मरीजों की पर्ची तो बन रही है लेकिन अस्पताल में इन्हें दवाइयां नहीं मिल रहीं। ऐसे में मरीज चिकित्सक की लिखी दवा को दुकानों से खरीदने को मजबूर हैं। गनीमत है कि यहां सर्दी, जुकाम और खांसी की दवा मिल रही है।
विज्ञापन


हालांकि, यह दवाई सरकारी डिस्पेंसरी में आसानी से मिल जाती हैं। ‘अमर उजाला’ टीम ने मंगलवार को अस्पताल का दौरा किया तो पता चला कि कई मरीजों को तो अस्पताल में एक भी दवा नहीं मिल रही है। अस्पताल में मरीजों की एंट्री हो रही है, पर्ची भी बन रही है लेकिन दवा नहीं है।

लोगों ने शिकायत की कि अस्पताल में पर्ची पर लिखी जा रही दवाइयां नहीं मिल रही हैं। इतने बड़े अस्पताल में इस तरह की अव्यवस्था पर लोगों में रोष दिखा। छोटा शिमला में यह आयुर्वेदिक चिकित्सालय है। अस्पताल में हर रोज सैकड़ों के हिसाब से मरीज आ रहे हैं। मौजूदा समय में मुफ्त दवाइयों के नाम पर मरीजों को कुछ नहीं मिल रहा है।
विज्ञापन


अस्पताल प्रबंधन सिर्फ मरीजों की पर्ची को ही अस्पताल डिस्पेंसरी की फाइलों में एंट्री कर रहा है। एक-दो दवाइयों को छोड़कर मरीजों को अधिकतर दवाइयां बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। अस्पताल यहां मरीजों ने मांग उठाई कि यहां हर तरह की दवाई उपलब्ध करवाई जाए, ताकि मरीज परेशान न हों।

कुछ दवाइयां हुई हैं खत्म
एमएस डॉ. हरीश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में कई दवाइयों का स्टॉक खत्म है। जो दवाइयां मौजूद हैं, वो मरीजों को दी जा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही दवाइयों का स्टॉक अस्पताल पहुंच जाएगा।

सरकार की तरफ से मरीजों को मुक्त में दवाइयां मुहैया करवाई जाती हैं। कई बार अस्पताल के स्टॉक में दवाइयां खत्म हो जाती हैं।  अस्पताल में एडमिट मरीजों को मुफ्त में दवाइयां दी जाती हैं। अस्पताल में खत्म हो चुकी दवाइयां जल्द मुहैया करवा दी जाएंगी। -आरके परुथी, निदेशक, आयुर्वेद विभाग
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें