पुलिस की फायरिंग रेंज अश्वनी खड्ड में रविवार को पुलिस और प्रशासन के कई आला अफसरों ने टारगेट पर निशाने साधे। इस दौरान प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राजीव शर्मा भी मौजूद रहे। उन्होंने भी टारगेट पर सटीक निशाने लगाकर वहां मौजूद अफसरों को हैरत में डाल दिया। कुछ अफसरों के निशाने टारगेट के बाहर भी जा रहे थे।
विक्रमादित्य ने भी फायरिंग रेंज में खूब फायरिंग प्रैक्टिस की। एसीएस वीसी फारका, डीजीपी एसआर मरड़ी, एडीजी बीएनएस नेगी, संजय कुंडू एडीजी , एसआर ओझा एडीजी, एडीजी एसबी नेगी, एडीजी एपी सिद्दकी, आईजी हिमांशु मिश्रा, डीसी दिनेश मल्होत्रा, अतिरिक्त उपायुक्त यूनुस सहित पांच एसपी, तीन एएसपी, सात डीएसपी सहित सैंकडों पुलिस कर्मचारियों ने फायरिंग प्रेक्टिस की।
शिमला पुलिस की ओर से इसे वार्षिक फायरिंग महामेला का नाम दिया है। पहली बार फायरिंग प्रैक्टिस के दौरान वहां पुलिस बैंड भी मौजूद था। संगीत के मधुर स्वरों के बीच चल रही फायरिंग प्रैक्टिस में होने वाली थकान का अफसरों को जवानों को कम आभास हुआ।
एसपी (साइबर क्राइम) अंजुम आरा ने भी फायरिंग प्रैक्टिस में खूब पसीना बहाया। एसपी शिमला डी डब्ल्यू नेगी ने कहा कि अश्वनी खड्ड में पुलिस की फायरिंग रेंज है। रविवार को पुलिस अफसरों के अलावा प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राजीव शर्मा भी मौजूद थे। विक्रमादित्य भी इस मौके पर मौजूद रहे।