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शिव भक्तों का पहला जत्था श्रीखंड रवाना

Tue, 08 Jul 2014 06:06 PM IST
ब्यूराे/अमर उजाला, रामपुर
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पिछले कई दिनों से निरमंड स्थित जूना अखाड़ा के मठ में रौनक का माहौल रहा। मंगवार को निरमंड के जूना अखाड़ा से भक्तों के दल ने श्रीखंड महादेव के लिए अपनी छड़ी यात्रा शुरू की।
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प्रात: 11 बजे निरमंड से श्रीखंड के लिए छड़ी यात्रा रवाना हुई। अंबिका माता और गुरु दत्तात्रेय की छड़ी यात्रा का यह उत्सव यात्रा के लोटने तक जारी रहेगा। श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़ा के प्रतिनिधि महंत अशोक गिरि जी महाराज के नेतृत्व में यह 19वीं छड़ी यात्रा है। वर्षों से निरमंड की श्रीखंड छड़ी यात्रा समिति के पदाधिकारी और सदस्य इसमें अमह भूमिका निभाते आ रहे है।

पिछले कई दिनों से निरमंड में इस यात्रा की तैयारियां चल रही थी। देश के विभिन्न हिस्सों से पधारे संत-महंत और ऋषि-मुनियों के सौजन्य से सावन का यह उत्सव साधना और ज्ञान का केंद्र भी बना हुआ है।
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अनादि काल से चल रही है यात्रा

गौर हो कि अंबिका माता और दत्तात्रेय की छड़ी यात्रा गुरु पुर्णिमा पर श्रीखंड महादेव का विधि-विधान से पूजन करती रही है। पौराणिक काल से विरल जारी इस यात्रा का आयोजन निरमंड गांव से होता आ रहा है।

जूना अखाड़ा के संतों के नेतृत्व में यह परंपरा अनादि काल से चली आ रही है। सन् 1996 में फलाहारी बाबा अशोक गिरि के सौजन्य से आरंभ हुई। इस महोत्सव का यह 19वां वर्ष है।

इस महोत्सव के पीछे पुरातन काल से कई मान्यताएं चली आ रही है। ऋषि-मुनियों और भक्तों के तीर्थ की परंपरा को सुचारु रुप से जारी रखने में स्थानीय समुदाय और साधु-समाज के प्रतिनिधियों ने महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई है।
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प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है यात्रा

इस अवसर पर सुरेंद्र नगर, गुजरात से पधारे महंत महेंद्र भारती ने हिमालय संरक्षण से जुड़ी इस तीर्थयात्रा को प्रेम और सौहार्द का प्रतीक बताया है।

श्रीखंड संरक्षण सोसाइटी के संस्थापक अध्यक्ष श्री अशोक गिरि ने इसे हिमालय में बहने वाली नदियों और जलस्रोताें के संरक्षण का अभियान बनाने का काम किया है।
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