जंतर-मंतर पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में गदर फ्रंट हिमाचल प्रदेश ने शिमला में प्रदर्शन कर डीसी शिमला के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नाम ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में न्यायिक जांच, दोषियों पर कार्रवाई, घायलों को मुआवजा, मृतकों के परिजनों को एक करोड़ रुपये की सहायता और सरकारी नौकरी देने सहित कई मांगें उठाई गईं।
नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में शनिवार को गदर फ्रंट हिमाचल प्रदेश ने शिमला में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त (डीसी) शिमला के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
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ज्ञापन में संगठन ने मांग की कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जाए। साथ ही यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही अथवा दोष सिद्ध होता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाए।
घायलों के लिए मुआवजा, मृतकों के परिजनों के लिए सहायता की मांग
ज्ञापन में कहा गया कि लाठीचार्ज में घायल हुए सभी लोगों को उचित आर्थिक मुआवजा और निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा यदि आंदोलन या उससे संबंधित घटनाओं में किसी व्यक्ति की मृत्यु हुई है, तो उसके परिजनों को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता, परिवार के एक योग्य सदस्य को सरकारी नौकरी और अन्य आवश्यक पुनर्वास सहायता दी जाए।
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लोकतांत्रिक अधिकारों की सुरक्षा की मांग
संगठन ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इसलिए भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए इन अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाया जाए।
रवि कुमार दलित ने रखी मांग
गदर फ्रंट हिमाचल प्रदेश के संयोजक रवि कुमार दलित ने कहा कि संगठन ने स्पष्ट रूप से अपनी मांगें केंद्र सरकार तक पहुंचाई हैं। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों पर बल प्रयोग की घटनाओं की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।