राजधानी में नवरात्र के दौरान वीकेंड पर भी पर्यटन कारोबार फीका रहेगा। वीकेंड के लिए शिमला के होटलों में अभी 40 फीसदी कमरे ही बुक हुए हैं। इसका सीधा असर पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है। हर वर्ष नवरात्र के दौरान दुर्गा पूजा के लिए बंगाल और गुजरात से सैलानी बड़ी संख्या में शिमला आते थे। इसके लिए एक माह पहले ही बुकिंग शुरू हो जाती थी।
इस बार पर्यटक वाहनों पर अतिरिक्त शुल्क लगाने की वजह से कम लोग ही शिमला आ रहे हैं। शिमला की होटल एंड टूरिज्म स्टेक होल्डर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से शुल्क घटाने की मांग की है। मुख्यमंत्री ने उन्हें जल्द इस समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है। एडवांस बुकिंग कम मिलने के कारण पर्यटन कारोबार घट रहा है। होटल कारोबारियों का कहना है कि जब शुल्क कम होगा उसके बाद ही सैलानी शिमला में आना शुरू करेंगे और उनका कारोबार रफ्तार पकड़ेगा।
कारोबारियों को नवरात्र में कारोबार बढ़ने की उम्मीद थी लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के उपाध्यक्ष प्रिंस कुक्रेजा ने बताया कि जहां हर साल नवरात्र में दुर्गा पूजा के लिए 90 से 100 फीसदी तक होटल के कमरे बुक रहते थे, वहीं इस बार यह संख्या 40 फीसदी से आगे ही नहीं बढ़ पाई है।