राजधानी के संजौली और ढली के बीच यातायात जाम खत्म करने के लिए बन रही डबल लेन टनल के दोनों छोर शुक्रवार को मिल गए। 170 दिन के भीतर करीब 150 मीटर लंबी इस टनल में खुदाई का काम पूरा किया गया है। इस प्रोजेक्ट की खासियत यह रही कि टनल की खुदाई खास ऑस्ट्रियन तकनीक से की गई। खुदाई के दौरान टनल के भीतर न कोई भूस्खलन हुआ और न ही पहाड़ी पर बने मकानों को कोई आंच आई। टनल में संजौली और ढली दोनों छोर की ओर से खुदाई चल रही थी।
शुक्रवार सुबह करीब 10:00 बजे दूसरी ओर से रोशनी देखते ही मजदूर झूमने लगे। दोपहर 12:00 बजे तक एक सिरे से दूसरे सिरे की रोशनी पूरी तरह से दिखने लगी। मजदूर एक सिरे से पैदल दूसरे सिरे के लिए पहुंच गए। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने भी टनल का निरीक्षण किया। इसके बाद मलबा हटाने का खुदाई पूरी करने का काम शुरू हो गया। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि टनल में पैदल आवाजाही शुरू हो चुकी है, लेकिन मशीनरी की आवाजाही एक दो दिन में ही शुरू हो जाएगी।
अब आने वाले दिनों में टनल को गहराई की ओर खोदा जाएगा ताकि टनल की ऊंचाई बढ़ सके। चौड़ाई के लिए अब खुदाई नहीं होगी। दीवारों को मजबूती देने के लिए कंकरीटिंग भी होगी। दावा किया जा रहा है कि इसी साल के अंत तक इसका काम पूरा कर दिया जाएगा। नए साल से जनता को इसकी सुविधा मिल जाएगी।
इसलिए बेहद खास है यह प्रोजेक्ट
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बन रही इस टनल से संजौली और ढली के बीच लगने वाला जाम खत्म हो जाएगा। वर्तमान टनल करीब 170 साल पुरानी है। इसमें वनवे आवाजाही होती है जिससे रोजाना जाम लगता है। अब नई टनल से दोनों तरफ आवाजाही होगी।
खुदाई पूरी, दोनों छोर मिल गए हैं : एमडी
स्मार्ट सिटी मिशन के तहत बन रही ढली डबल लेन टनल में खुदाई लगभग पूरी हो गई है। शुक्रवार को इसके दोनों छोर मिल गए हैं। अब टनल को मजबूती देने का काम शुरू होगा। इसी साल इसका काम पूरा करने का टारगेट रखा है। आम जनता को अब जाम नहीं सताएगा।
-मनमोहन शर्मा, प्रबंध निदेशक स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट शिमला
यह हैं नई टनल की खासियतें
11 मीटर चौड़ी होगी टनल, दोनों ओर से होगी वाहनों की आवाजाही
पेयजल लाइनें या केबल बिछाने के लिए टनल के भीतर अंडरग्राउंड नाली (डक्ट) तैयार की जाएगी
टनल के भीतर लाइटिंग, ड्रेनेज सिस्टम, ट्रैफिक सिग्नल, फुटपाथ की व्यवस्था रहेगी