घंडल में पुल बंद होने पर पैदल चलते लोग।
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शिमला-मंडी एनएच-205 पर सफर करने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए एचआरटीसी ने घंडल से बसों की ट्रांसशिपमेंट (अदला-बदली) शुरू कर दी है। यह व्यवस्था शुरू होने से आवाजाही करने वाले हजारों यात्रियों को अब 25 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर नहीं करना पड़ेगा। घंडल पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद बसें वैकल्पिक मार्ग से चलाई जा रही थीं। इसमें करीब दो घंटे का अतिरिक्त समय लग रहा था। एचआरटीसी प्रबंधन ने घंडल में ट्रांसशिपमेंट के लिए एक क्षेत्रीय प्रबंधक की अगुवाई में तीन निरीक्षक तैनात किए हैं।
आईएसबीटी से घंडल तक तारादेवी, शिमला लोकल और ग्रामीण डिपो की बसें चलाई जा रही हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए एचआरटीसी बसों के वे-बिल पर घंडल से आगे रवाना होने वाली बसों के नंबर और कंडक्टरों के मोबाइल नंबर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। बुधवार को शिमला-कटड़ा वोल्वो और रामपुर-जम्मू एसी डीलक्स बसें भी ट्रांसशिपमेंट कर रवाना की गईं।
यात्रियों की सुविधा के लिए घंडल पुल से बसों की ट्रांसशिपमेंट शुरू कर दी गई है। परवाणु के चक्की मोड़ पर भी सड़क बंद होने की सूरत में ऐसी व्यवस्था की है।
- रोहन चंद ठाकुर, एमडी, एचआरटीसी
48 घंटे में खोलेंगे बंद हाईवे : बासित
हिमाचल प्रदेश में बादल फटने एवं नदियों में भयंकर बाढ़ के चलते नेशनल हाईवे पहुंचे नुकसान की भरपाई के लिए एनएचएआई ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी अब्दुल बासित ने बताया कि प्रदेश में अवरुद्ध नेशनल हाईवे पर यातायात बहाली के लिए दिन-रात काम चल रहा है। उन्होंने दावा कि अगले 48 घंटे के भीतर सभी हाईवे को खोला दिया जाएगा।
बासित ने बताया कि प्रदेश भर में 146 जेसीबी, 177 टिपर, 23 लोडर, 5 ड्रिलिंग जंबो, 20 हाइड्रा, 11 गारडर, 3 ब्लास्टिंग मशीन समेत 385 मशीनरियां सड़कों के बहाली में लगे हैं। उन्होंने कहा कि शिमला से चंडीगढ़ पर दो लेन ट्रैफिक को सुचारू कर दिया है। 5 जगहों पर ज्यादा नुकसान होने से और जनता की सुरक्षा को देखते हुए ट्रैफिक को एक लेन से निकाला जा रहा है। जल्द ही 2 लेन बहाल किया जाएगा। घंडल बैली ब्रिज को दो दिन में खोल दिया जाएगा।