सुजानपुर/हमीरपुर। जिले में लगातार हो रही बारिश के बाद मंगलवार को मौसम साफ हो गया। तेज धूप ने लोगों को जहां राहत पहुंचाई, वहीं कई जगह यह धूप आफत बन गई। अब तेज गति से नुकसान की रिपोर्ट आने लगी हैं। सुजानपुर उपमंडल में मंगलवार को तेज धूप निकलने के बाद लोगों के मकानों के डंगे निकल गए। तहसीलदार सुजानपुर अशोक पठानिया ने कहा कि मंगलवार को प्रीतम चंद पुत्र मंगत राम निवासी महाल के घर के आगे ल्हासा गिरने से मकान को खतरा हो गया है।
राकेश कुमार पुत्र प्यार चंद निवासी ध्याना की गोशाला बारिश से गिर गई, जिसमें पीड़ित परिवार को करीब एक लाख का नुकसान हुआ। अन्य घटना में बलदेव कुमार निवासी महालकी की पशुशाला के साथ लगा डंगा गिरने की वजह से उनकी पशुशाला को खतरा बन गया। सूचना मिलते ही राहत एवं बचाव कार्य करने के लिए विभागीय कर्मी मौके पर भेज दिए। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मौसम साफ हो गया है लेकिन फिर भी सुरक्षा एवं एहतियात के मद्देनजर जो दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं उनकी पालना करें और सुरक्षित रहें। बारिश ने कहर मचाते हुए लोगों के साथ साथ अलग-अलग विभागों को लाखों की चपत लगाई है। सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। सुजानपुर में 86 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। विभाग के एसडीओ अभिषेक शर्मा ने कहा कि अलग-अलग स्थानों पर सड़कें टूट गई हैं। उपमंडल सुजानपुर के अंतर्गत सिंचाई एवं जल शक्ति विभाग को लगभग 80 लाख का नुकसान हुआ। विभाग के एसडीओ जितेश कुमार ने कहा कि बारिश के कारण विभाग की दर्जन भर स्कीमें फेल हुई हैं। बिजली बोर्ड को बारिश से 15 लाख का नुकसान हुआ है। एसडीओ गोपाल भाटिया नेे कहा कि दो दर्जन बिजली के खंभे टूट गए हैं।
पलाही खैरी में एचटी लाइन प्रभावित हुई है। नगर परिषद सुजानपुर को 50 लाख का नुकसान हुआ है। सुजानपुर प्रशासन के अनुसार बारिश से उपमंडल सुजानपुर के अंतर्गत लोगों को लगभग 14 लाख का नुकसान हुआ है। नुकसान की रिपोर्ट प्रतिदिन बनाई जा रही है। पहले दिन करीब छह लाख और दूसरे दिन आठ लाख का नुकसान दर्ज किया गया है। एसडीएम राकेश शर्मा ने कहा कि सुजानपुर उपमंडल के अंतर्गत बारिश ने लोगों के साथ-साथ विभागों को भारी नुकसान पहुंचाया है। वहीं, बिझड़ी पंचायत के अंबोटा, बुनानी, चलसाई गांवों की पेयजल पाइपलाइन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। एबीसी चौक के नजदीक 75,000 लीटर की क्षमता से नया टैंक बनाया गया था और उसी टैंक से इन तीनों गांवों को सप्लाई दी गई थी। लेकिन, जहां से यह पाइपलाइन इन गांवों को जा रही है वहां पर भारी बारिश और भूस्खलन की वजह से मुख्य पाइप लाइन पूरी तरह से तहस-नहस हो चुकी है और इन गांवों में अब पेयजल की किल्लत हो गई है। भाजपा पूर्व सैनिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक कैप्टन रंजीत राणा ने मंगलवार को विधानसभा क्षेत्र का दौरा किया और लोगों को राहत मिल सके, इसके लिए प्रशासन से आग्रह किया। वहीं, बारिश के कारण गत दिवस जिले में कुल 34 डंगे, 26 पशुशालाएं, एक घराट, 16 कच्चे मकान, एक रसोई घर और एक पक्का मकान क्षतिग्रस्त हुआ है। कुल 37,33,000 रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं, जलशक्ति विभाग को 4.82 करोड़, लोनिवि को तीन करोड़, उद्यान विभाग को 25.15 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
हमीरपुर में दो दिन से पेयजल नहीं
जिला मुख्यालय हमीरपुर में पिछले दो दिन से पेयजल आपूर्ति पूरी तरह बाधित है। यहां सुजानपुर के प्लाही से पानी की आपूर्ति होती है लेकिन ब्यास नदी में सिल्ट की वजह से पानी की आपूर्ति बंद है। धनासेठ पैसे खर्च कर पानी का टैंकर मंगवा रहे हैं लेकिन निर्धन और मध्यवर्गीय परिवार पेयजल की लिए इधर से उधर भटक रहे हैं।
27 सड़कें बहाल, एक आज होगी बहाल-
लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता ई. विजय चौधरी ने कहा कि जिला हमीरपुर में बारिश के कारण 28 संपर्क मार्ग और एक एनएच ऊना हमीरपुर बाधित था। लोनिवि ने मंगलवार शाम तक 27 संपर्क मार्गों और एक एनएच को बहाल कर दिया। जबकि एक संपर्क मार्ग सुजानपुर-संधोल को बुधवार तक बहाल करने के लिए कार्य प्रगति पर है।
बिजली बोर्ड के अधीक्षण अभियंता ई. आशीष कपूर ने कहा कि 48 बिजली खंभे बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए हैं। 85 फीसदी खंभों को मंगलवार देर शाम तक खड़ा कर दिया है और लाइनों को दुरुस्त कर दिया गया है। सुजानपुर क्षेत्र के तहत अभी कुछेक काम बचता है, जिसे बुधवार तक पूरा कर लिया जाएगा। ठेकेदारों के काम न करने से बिजली बोर्ड को खुद फील्ड में उतरकर बिजली आपूर्ति बहाली का काम करना पड़ा।
21 पेयजल स्कीमें बहाल, 18 आज होंगी बहाल
जलशक्ति विभाग के अधिशासी अभियंता ई. राजीव सहगल ने कहा कि कुल 21 पेयजल स्कीमों को बहाल कर दिया गया है। जबकि 18 पेयजल स्कीमें बुधवार तक बहाल कर दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि हमीरपुर शहर में भी बुधवार तक पेयजल आपूर्ति बहाल करने का प्रयास रहेगा।
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