अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ और अवैध तस्करी निषेध दिवस पर रिज मैदान में हाफ मैराथन करवाई गई। पुरुष श्रेणी में जितेंद्र सिंह को 25,000 रुपये का प्रथम पुरस्कार, रविंद्र कुमार को 15,000 रुपये का द्वितीय पुरस्कार तथा देवेंद्र सिंह को 11000 रुपये का तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
महिला वर्ग में रोमा को प्रथम, सुप्रिया पाटिल को द्वितीय तथा अमनदीप कौर को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। महिला प्रतिभागियों को भी पुरुष प्रतिभागियों के समकक्ष पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। नशाखोरी के खिलाफ 1800 से अधिक लोग दौड़े।
10 किलोमीटर की मिनी मैराथन के विजेताओं में पुरुष श्रेणी में सुनील प्रसाद प्रथम, जगमल द्वितीय तथा राहुल तृतीय स्थान पर रहे। महिला श्रेणी में कविता पाटिल ने प्रथम, कांता देवी द्वितीय तथा किरण जीत कौर तृतीय स्थान पर रहीं।
पहला स्थान पर 11000 रुपये, दूसरा स्थान पाने पर 7500 रुपये तथा तीसरे स्थान पर रहने वाले को 5100 रुपये के नकद पुरस्कार के अतिरिक्त प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश पुलिस विभाग की ‘हाफ मैराथन’ के विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इससे पूर्व पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया तथा उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
मुश्किल में डायल करो 100
मुख्यमंत्री ने माल रोड स्थित पूर्ण कंप्यूटरीकृत पुलिस सहायता नियंत्रण कक्ष का लोकार्पण भी किया। इस नियंत्रण कक्ष में आपात काल दूरभाष नंबर 100 पर प्राप्त सभी कालों का अनुश्रवण किया जाएगा तथा इसके उपरांत इन्हें तुरंत निष्पादन एजेंसियों को भेजा जाएगा ताकि शीघ्र कार्रवाई की जा सके।
यह गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस अवसर पर सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स, हिमाचल प्रदेश राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष गंगूराम मुसाफिर, नगर निगम शिमला के उप महापौर टिकेंद्र पंवर, प्रदेश पर्यटन विकास निगम के उपाध्यक्ष हरीश जनारथा, सेना प्रशिक्षण कमांड के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल संजीव मधोक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसआर मरड़ी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एपी एंड टी आरएस ओझा, सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक रतिराम वर्मा, उपायुक्त दिनेश मल्होत्रा, पुलिस अधीक्षक डीडब्ल्यू नेगी एवं पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।