हिमाचल प्रदेश में बढ़ रही नशाखोरी पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने पुलिस मुख्यालय में ही पुलिस को कड़वी डोज पिलाई। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि प्रदेश की युवा पीढ़ी को बचाने के लिए अफीम, भांग की खेती पर रोक लगाने के लिए अभियान चलाया जाए।
पुलिस सिर्फ अपराध पर ही न नजर रखे बल्कि युवाओं में नशे को रोकने के लिए कदम उठाए। सूबे के स्कूल और कॉलेजों के आसपास बिकने वाले नशीले पदार्थों पर पूरी तरह से पाबंदी लगाई जाए। वह रविवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशाखोरी की जद में आने से पंजाब की युवा भी पीढ़ी बर्बाद हो रही है। इसको लेकर उन्होंने चिंता व्यक्त की। पुलिस को नसीहत दी कि प्रदेश में नशाखोरी मामलों को पुलिस सख्ती से निपटा जाए। केमिकल ड्रग्स पर अंकुश लगाने को लेकर भी पुलिस को नजर रखने के लिए कहा।
स्कूल, कॉलेजों और अन्य शिक्षक संस्थानों के आसपास बिकने वाले नशीले पदार्थों पर रोक लगाने के लिए पुलिस को कारगर कदम उठाने के लिए कहा। इस मौके पर वीरभद्र सिंह ने पुलिस मुख्यालय के साथ एक नए ब्लॉक के निर्माण की भी घोषणा की। इससे पहले पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने मुख्यमंत्री को चांदी की तलवार भेंट की।
सड़क पर खड़ा जवान एंबेसडर
सड़कों पर खड़े रहने वाले और बूथ पर तैनात पुलिस कर्मियों को मुख्यमंत्री ने हिमाचल का एंबेसडर कहा। उन्होंने कहा कि आप प्रदेश में आने वाले पर्यटकों के साथ अच्छा व्यवहार करें, जिससे पर्यटकों के मन में हिमाचल के प्रति एक अच्छा भाव पनप सके। आप उनके लिए मददगार साबित हों।
हालांकि, कार्यक्रम के दौरान मीडिया कर्मियों के लिए बैठने के लिए जगह नहीं थी। मुख्यमंत्री ने जैसे ही बोलना बंद किया पुलिस मुख्यालय में तैनात एक सीनियर आईपीएस अफसर ने मीडिया कर्मियों को हॉल से बाहर खदेड़ दिया। कहा, आप यहां से जाइए। आपका काम खत्म हो गया है।
अफसरों के प्रति नाराजगी
पुलिस अफसरों के प्रति विभाग के क्लैरिकल ग्रेड के कर्मियों में खासी नाराजगी देखी गई। उनका कहना था उन्हीं के कार्यक्रम में उनके मुद्दों को मुख्यमंत्री के समक्ष नहीं उठाया गया, लेकिन अनुशासित होने के कारण वे कुछ भी नहीं कह सकते।