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गुड़िया रेप और हत्या मामले में आरोपी नीलू दोषी करार, 11 मई को सुनाई जाएगी सजा

Wed, 28 Apr 2021 08:46 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

शिमला के कोटखाई में गुड़िया रेप और हत्या मामले में सीबीआई की अदालत ने आरोपी नीलू को दोषी करार दिया है। दोषी नीलू को सीबीआई की विशेष अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेसिंग से पेश किया गया। अब सजा पर 11 मई को सुनवाई होगी।
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दोषी नीलू- फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के बहुचर्चित गुड़िया दुष्कर्म और हत्याकांड मामले में बुधवार को सत्र न्यायाधीश शिमला की विशेष अदालत ने चिरानी नीलू को दोषी करार दिया। मामले की सुनवाई 2:53 पर शुरू हुई और आठ मिनट में ही आरोपी को दोषी करार दिया गया। अब सजा देने के बारे में सुनवाई 11 मई को होगी। हालांकि नीलू आरोपों से इस दौरान भी इंकार करता रहा। सुनवाई सत्र न्यायाधीश शिमला राजीव भारद्वाज की विशेष अदालत में वर्चुअल तरीके से हुई। आरोपी को कंडा जेल से वर्चुअल तरीके से पेश किया गया। एक और मामले में भी नीलू को नाहन की एक अदालत ने उम्र कैद की सजा सुना रखी है।

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गौर हो कि 4 जुलाई, 2017 को शिमला जिले के कोटखाई की एक छात्रा स्कूल से लौटते समय लापता हो गई थी। 6 जुलाई को कोटखाई के तांदी के जंगल में पीड़िता का शव मिला। जांच में पाया गया कि छात्रा की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। इस मामले में छह आरोपी पकड़े गए। इनमें राजेंद्र सिंह उर्फ  राजू निवासी हलाइला, सुभाष बिष्ट निवासी गढ़वाल, सूरज सिंह, लोकजन उर्फ  छोटू निवासी नेपाल और दीपक निवासी पौड़ी गढ़वाल कोटद्वार शामिल थे। इनमें से सूरज की कोटखाई थाने में 18 जुलाई, 2017 की रात हत्या कर दी गई।

आरोप था कि राजू की सूरज से बहस हुई और उसके बाद राजू ने उसका कत्ल कर दिया। हालांकि, बाद में इस मामले में एक नया मोड़ आया और इन सभी आरोपियों को जेल से रिहा कर दिया गया। सीबीआई ने इस मामले की जांच के बाद सभी पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया था, जिसका ट्रायल सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर चंडीगढ़ शिफ्ट कर दिया गया और अप्रैल 2018 को नीलू को हिरासत में लिया गया। इस मामले में सीबीआई ने 55 गवाहों के बयान दर्ज किए।
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14 में से 12 बिंदू गए नीलू के खिलाफ
न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए कहा कि  मामले में 14 में से 12 बिंदू नीलू के खिलाफ  गए थे। आरोपी की हत्या वाली जगह पर मौजूदगी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, डीएनए रिपोर्ट आरोपी के खिलाफ  रही। मिट्टी के सैंपल, शरीर पर निशान भी नीलू के दोषी होने को साबित करते हैं। नीलू के पक्ष में महज यह रहा कि पुलिस या सीबीआई उसकी आपराधिक पृष्ठभूमि साबित नहीं कर सकी। 

हिमाचल हाईकोर्ट में मामला लंबित
इस मामले में सीबीआई जांच हमेशा ही शक के घेरे में रही है। इस बारे में एक मामला उच्च न्यायालय में लंबित भी है। गुड़िया के परिजन और स्वयंसेवी संस्था मदद सेवा ट्रस्ट सीबीआई जांच पर लगातार सवाल खड़ा कर रहे हैं। 
 

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गुड़िया मामले में कब क्या हुआ। 

6 जुलाई : कोटखाई के जंगल में गुड़िया का मिला शव
7 जुलाई : पोस्टमार्टम रिपोर्ट से दुष्कर्म का खुलासा
10 जुलाई : सरकार ने एसआईटी की गठित
11 जुलाई : पीड़ित परिवार को पांच लाख मुआवजा
12 जुलाई : सीएम के फेसबुक पर आरोपियों के नाम की कुछ फोटो वायरल
13 जुलाई : एसआईटी ने 6 लोग गिरफ्तार किए
14 जुलाई : ठियोग थाने पर पथराव, सीबीआई जांच की संस्तुति
17 जुलाई : राजभवन पहुंची भाजपा ने सरकार की बर्खास्तगी की मांग उठाई
18 जुलाई : सरकार का हाईकोर्ट में सीबीआई जांच शुरू करने के लिए आवेदन
19 जुलाई : कोटखाई थाने में एक आरोपी की पुलिस हिरासत में हत्या
23 जुलाई : सीबीआई ने दर्ज किए दो मामले
24 जुलाई : सीबीआई पहुंची शिमला, जांच शुरू
02 अगस्त : हाईकोर्ट में पुलिस ने सौंपी स्टेटस रिपोर्ट
03 अगस्त : कस्टडी में मौत पर पुलिस अफसरों से पूछताछ 
14 अगस्त : कोटखाई थाने में तैनात संतरी के बयान
17 अगस्त : सीबीआई को हाईकोर्ट की फटकार, मांगा दो सप्ताह का समय
21 अगस्त : सीबीआई के कई रईसजादों के घरों पर छापे
29 अगस्त : मामले में सीबीआई ने आईजी समेत आठ पुलिस वालों को गिरफ्तार किया
25 नवंबर : गिरफ्तार पुलिस अफसरों के खिलाफ चार्जशीट
29 मार्च 2018 : हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट पेश कर 25 अप्रैल तक मामला सुलझाने का दावा
अप्रैल 2018 : सीबीआई ने गिरफ्तार किया चिरानी नीलू
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