कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के बढ़ते प्रकोप के बीच देवी-देवताओं की शोभा यात्राओं पर 28 अप्रैल सायं से ही पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। घरों अथवा धार्मिक स्थानों में भी पूजा, पाठ या भंडारे के आयोजनों पर रोक रहेगी। जिले में धाम और सामूहिक भोज के आयोजन पर भी रोक लगा दी है। आदेशों की अवहेलना करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिला दंडाधिकारी ऋग्वेद ठाकुर ने इसे लेकर आदेश जारी किए हैं।
जारी आदेश के मुताबिक जिले में पहली मई से शादी अथवा अन्य सामाजिक कार्यक्रमों में धाम और सामूहिक भोज के आयोजनों की मनाही रहेगी। पूर्व में शादी समारोहों के लिए दिए धाम आयोजन के अनुमति पत्र अब निरस्त माने जाएंगे। कहा कि कोरोना संक्रमण के बढ़ते खतरे के दृष्टिगत संक्रमण से लोगों के बचाव और सुरक्षा के लिए यह पाबंदियां लगाई गई हैं। उन्होंने लोगों से कोविड अनुरूप व्यवहार करने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का ठीक से निर्वहन करने का आग्रह किया।