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शिमला-धर्मशाला फोरलेन का सर्वे पूरा, सरकार से हरी झंडी का इंतजार

Mon, 06 Jan 2020 12:10 PM IST
अरविन्द ठाकुर गोपाल शर्मा, अमर उजाला, जुखाला (बिलासपुर)
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सांकेतिक तस्वीर
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शिमला-धर्मशाला फोरलेन का निर्माण अधर में लटका है। एनएचएआई ने सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं, लेकिन अभी तक सरकार से हरी झंडी नहीं मिली है। सरकार के साथ बैठक न हो पाने के कारण इसका कार्य आगे नहीं बढ़ पाया है। यह बैठक 26 दिसंबर को होनी थी। अब सरकार के साथ अगली बैठक की तिथि तय नहीं हो पाई है। शिमला-धर्मशाला फोरलेन की घोषणा हुए करीब दो वर्ष हो चुके हैं। दो वर्षों में 5000 करोड़ की अनुमानित लागत से बनने वाले इस फोरलेन के प्रति लोगों में खासी उत्सुकता थी। इसके बनने से शिमला-धर्मशाला के बीच की दूरी कम होनी थी।

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लोगों को पहाड़ की सर्पीली सड़कों से निजात मिलनी थी। इससे हिमाचल में आने वाले पर्यटकों की संख्या में भी बढ़ोतरी होनी थी, लेकिन करीब दो वर्ष बाद भी एनएचएआई को न भूमि अधिग्रहण की अनुमति मिली है और न ही इसके लिए बजट मिला है। एनएचएआई ने पांच पैकेज में बनने वाले फोरलेन की सर्वे से संबंधित सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। अब सरकार से हरी झंडी का इंतजार है।

उधर, शिमला-धर्मशाला फोरलेन के परियोजना निर्देशक वाई ए राउत ने बताया कि फोरलेन के बारे में 26 दिसंबर को शिमला में सरकार के साथ बैठक थी। यह किन्हीं कारणों से नहीं हो पाई। आगामी बैठक की तिथि अभी तय नहीं है। सरकार इसके प्रति गंभीर है। आने वाले एक-दो महीने में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। सरकार का आदेश मिलते ही फोरलेन धरातल पर उतरने की रफ्तार पकड़ेगा।

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