समरहिल-सांगटी रोड पर भी गड्ढों की भरमार है। एचपीयू सड़क भी हालत खस्ता है। पार्षद शैली शर्मा ने कहा कि कई बार लोनिवि को कह चुके हैं लेकिन गड्ढे नहीं भरे जा रहे। पंथाघाटी-मैहली सड़क पर भी जगह-जगह गड्ढे पड़े हैं। कुछेक गड्ढे मिट्टी से भरे गए हैं लेकिन मिट्टी अब सड़क के साथ लगते मकानों और दुकानों के लिए परेशानी बन रही है।
खलीनी को बिहार गांव से जोड़ने वाली सड़क गड्ढों में बदल चुकी है। गड्ढे पड़ने और डंगा ढहने से डेढ़ माह से यहां के लिए बस सेवा भी ठप है। ढली सब्जी मंडी के गेट पर विशालकाय गड्ढा पड़ा है लक्कड़ बाजार-आईजीएमसी रोड की हालत भी खस्ता है। इसी तरह संजौली से जाखू, न्यू शिमला, विकासनगर से विजयनगर सड़क भी गड्ढों से भरी पड़ी है।
मंत्री के आने के लिए चमका दी सड़क- बैमलोई चौक पर भी सड़क कई दिनों से खस्ताहाल में थी। लेकिन सीपीआरआई में हो रहे एक समारोह के लिए केंद्रीय मंत्री क्या पहुंचे, लोनिवि ने रातोंरात सड़क के गड्ढे भर दिए। हालांकि यहां भी मिट्टी से ही गड्ढे भरे गए हैं।
निगम की ज्यादातर सड़कें ठीक हैं, जो सड़कें खराब हैं, उन्हें ठीक किया जा रहा है। इनके लिए टेंडर प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। - पंकज राय, नगर निगम आयुक्त
विभाग के अधीन आने वाली सभी सड़कों को एक हफ्ते के भीतर दुरुस्त कर लिया जाएगा। बारिश के चलते पैचवर्क नहीं कर पाए। अब जल्द गड्ढे भरे जाएंगे। ज्यादातर जगह सड़क ठीक भी कर दी है। - सुरेश कपूर, अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग
खलीनी टूटीकंडी सड़क को एनएचएआई को हैंडओवर किया जा चुका है। वही अब इस सड़क का रखरखाव करेगी। - अशोक चौहान, एसई, एनएच
खलीनी टूटीकंडी सड़क को एक हफ्ते में ठीक कर देंगे। जल्द यहां काम शुरू किया जा रहा है। - एसएम स्वामी, पीआरओ, एनएचएआई
आईएसबीटी-विकासनगर-पंथाघाटी सड़क की खस्ता हालत के चलते लोग परेशान हैं। सड़क से उड़ने वाली धूल से भी लोग परेशान हैं। बीसीएस चौक पर कारोबार करने वाले दुकानदार देशराज, नीम चंद, मनोहर लाल, पंडित सोहन लाल, हरीश शर्मा, सुरेंद्र कुमार, बॉबी, कुशाल और बिट्टू ने बताया कि उन्हें सड़क से उड़ रही मिट्टी ने परेशान करके रखा है।
दुकानों में बैठना तक मुश्किल हो रहा है। बीसीएस के तारादेवी मंदिर के पुजारी पंडित योगराज शर्मा ने बताया कि सड़क से उड़ रही धूल से मंदिर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी हो रही है। नवरात्र से पहले सड़क को दुरुस्त करवाना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़ी।