मुख्य न्यायाधीश संजय करोल ने श्री चामुंडा मंदिर में पूजा की।
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हिमाचल प्रदेश की शक्तिपीठों में रविवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शारदीय नवरात्रों के पांचवें दिन विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्रीनयनादेवी जी, छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्र्णी, बज्रेश्वरी देवी, ज्वालाजी और नंदिकेश्वर धाम चामुंडा में करीब एक लाख श्रद्धालुओं ने हाजिरी भरी और मां का आशीर्वाद लिया।
रविवार को श्रीनयनादेवी जी के दरबार में 30 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका। छिन्नमस्तिका धाम चिंतपूर्णी में रविवार शाम चार बजे तक 14 हजार श्रद्धालुओं ने हाजिरी भरी। इसी तरह जिला कांगड़ा के तीनों शक्तिपीठों में करीब 57 हजार श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। ज्वालामुखी मंदिर में 35 हजार श्रद्धालुओं ने माथा टेका, जबकि नंदिकेश्वर धाम चामुंडा में 6000 श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। इसके अलावा बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में सबसे अधिक 16 हजार श्रद्धालु पहुंचे, जिन्हें कोविड नियमों के तहत माता के दर्शन करवाए गए।
पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने किए मां चामुंडा के दर्शन
हिमाचल प्रदेश के गरली परागपुर के रहने वाले पटना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश संजय करोल सुबह आठ बजे श्री चामुंडा मंदिर पहुंचे। मां चामुंडा की विधिवत पूजा-अर्चना करने के उपरांत उन्होंने सुबह की आरती में भाग लिया। उसके बाद नंदीकेश्वर महादेव मंदिर में भी विधिवत पूजा-अर्चना की।
पुजारी कुलदीप गोस्वामी और बॉबी गोस्वामी ने पूजा करवाई। संस्कृत महाविद्यालय के प्रिंसिपल हरीश शर्मा और ओमप्रकाश ने विधिवत पूजा-अर्चना करवाने के बाद मां की चुनरी और प्रतिमा भेंट की। 11 बजे कांगड़ा कमिश्नर एसएस गुलेरिया ने भी परिवार सहित मां चामुंडा देवी मंदिर और नंदीकेश्वर महादेव मंदिर में हाजिरी लगाई।