शारदीय नवरात्र के अवसर पर जेल में हत्या, लूट, चोरी, एनडीपीएस सहित अन्य मामलों में बंद सजायाफ्ता और विचाराधीन कैदी भी बड़ी संख्या में धर्म-कर्म से जुड़ रहे हैं। नवरात्र पर आदर्श केंद्रीय कारागार कंडा और जिला कारागार कैथू में इन दिनों माहौल भक्तिमय बना हुआ है। करीब 100 कैदियों ने अपराध से छुटकारा पाने के लिए 9 दिन का उपवास रखा है। उधर, जेल प्रशासन ने भी व्रत रख रहे बंदियों के लिए खाने-पीने की व्यवस्था भी की है। फलाहार के लिए दूध, जूस, केला, आलू और फल मुहैया कराया जा रहा है। कंडा और कैथू जेल में करीब 783 कैदी हैं। जेल प्रशासन के मुताबिक ज्यादातर बंदी नवरात्र के पहले और अंतिम दिन व्रत रखते हैं लेकिन, इस बार करीब 100 कैदियों ने 9 दिन तक उपवास रखे हैं।
80 पुरुष और 20 महिला बंदियों ने नवरात्र का व्रत रखे हैं। जेलों के मंदिर परिसर में कैदी मां दुर्गा की तस्वीर के आगे देवी की आराधना कर रहे हैं। कैदियों को महान धर्म ग्रंथ गीता का ज्ञान दिया जा रहा है। यज्ञ के दौरान मंत्रों के उच्चारण से कैदियों के दिमाग से नकारात्मक विचारों को दूर किया जा रहा है। कैदियों ने आदि शक्ति को साक्षी मानकर व्रत रखते हुए भविष्य में अपराध की दुनिया से दूर रहने का प्रण लिया है। माता रानी का व्रत रखकर पापों का प्रायश्चित किया जा रहा है। इधर, जेल प्रशासन का सीधा मकसद बंदियों को आपराधिक मानसिकता से बाहर निकालना है।
जेल मैनुअल के हिसाब से दे रहे व्रत का आहार : सुशील
कंडा जेल अधीक्षक सुशील ठाकुर ने बताया नवरात्र शुरू होते ही जेल में बंद कैदियों की व्रत रखने की इच्छा रही। इस समय जेल में 540 कैदी बंद हैं। इनमें 20 महिला बंदी भी शामिल हैं। इनमें से करीब 80 कैदियों ने 9 दिन का व्रत रखा है। उधर, कैथू जेल के उप अधीक्षक प्रकाश चंद वर्मा ने बताया कि करीब 20 कैदियों ने व्रत रखा है। इसमें पुरुष और महिलाएं शामिल हैं। कैदियों को व्रत के अनुसार व्रत का आहार दिया जा रहा है। इनके लिए दूध, जूस और फलों की व्यवस्था कराई गई है। सुबह-शाम चिकित्सकों की टीम व्रत रख रहे कैदियों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी कर रही है।