सीबीआई भी क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले की जांच में जुट गई है। इसी के तहत केंद्रीय एजेंसी (सीबीआई) ने बीते दिन हिमाचल के विभिन्न स्थानों में दबिश देकर आरोपियों का रिकॉर्ड कब्जे में लिया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो की ओर से राज्यों की एजेंसियों को भी इस बारे में अलर्ट किया जा रहा है। विभिन्न राज्यों के 150 से अधिक बैंक खाते जांच एजेंसी के दायरे में है। इनमें 46 शेल कंपनियों, 42 प्रोपराइटरशिप फर्मों के साथ ही 50 से अधिक व्यक्तिगत खाते शामिल हैं। आरोपियों की ओर से लोगों को विश्वास में लेकर संबंधित बैंक खातों में ही पैसा डालकर चेन में जुड़ने को कहा जाता था।
इन्हीं खातों से लाभार्थियों को धन राशि हस्तांतरित भी की जाती रही है। इनमें से अधिकांश धनराशि कथित तौर पर निष्क्रिय शेल कंपनियों, व्यक्तिगत बचत और मुद्रा के माध्यम से भेजी गई। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद हिमाचल में सामने आए क्रिप्टोकरेंसी ठगी मामले की परतें भी खुलने लगी हैं। आरोप है कि धोखेबाजों ने एक काल्पनिक क्रिप्टोकरेंसी टोकन विकसित किया, जो निवेशकों को बिटकॉइन और अन्य क्रिटोकरेंसी में निवेश से पर्याप्त रिटर्न के वादे के साथ लुभाता रहा। यह भी अंदेशा है कि आरोपियों ने एक प्रसिद्ध भारतीय अमेरिकी क्रिप्टो टेक्नोलॉजिस्ट का उपयोग करके फर्जी वेबसाइट बनाई।