भाजपा के वरिष्ठ नेता और वर्तमान सांसद शांता कुमार ने कहा कि असम में बांग्लादेशी घुसपैठियों का बसना और मतदाता बनकर चुनाव लड़ना दुर्भाग्यपूर्ण और व्यवस्था पर सवाल है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1985 में तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी की अध्यक्षता में हुआ समझौता एक कारगर कदम था, लेकिन इसे लागू करने की हिम्मत कांग्रेस सरकार दिखा नहीं पाई।
अब असम में बांग्लादेशी घुसपैठिए चुनाव लड़ रहे हैं। इसके लिए कांग्रेस की नीति जिम्मेवार है। कांग्रेस पार्टी ने देश को लावारिस धर्मशाला बनाने की कोशिश की है।
किसी भी धर्मशाला में आने वाले व्यक्ति का नाम एक रजिस्टर में लिखा जाता है, आने वाले व्यक्ति की पहचान देखी जाती है, लेकिन कांग्रेस पार्टी ने वोट के लिए भारत को एक लावारिस धर्मशाला बनाने की कोशिश की है।