अब नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र सरकार को अपनी रणनीति बदलने के समय आ गया है। नक्सलवाद को बढ़ावा देने वालों को अब उन्हीं की भाषा में जवाब देना होगा। यह बात मंडी में पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए हिमाचल के पूर्व मुख्यमंत्री एवं चंबा-कांगड़ा के सांसद शांता कुमार ने कही।
सुकमा में सीआरपीएफ जवानों पर हुए नक्सली हमले की उन्होंने कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं से जवानों का मनोबल गिरता है। देश में आज तक की सरकारों ने अधूरा विकास किया है। इस कारण नक्सलवाद पनपा है।
आजादी के बाद देश में अमीर ज्यादा धनवान होता गया और गरीब की स्थिति में कोई सुधार नहीं हो पाया। अब गरीबों को मोहरा बनाकर नक्सलवाद को देश के कुछ जिलों में बढ़ावा दिया जा रहा है। यही देश के विकास के लिए बड़ी चुनौती है।
उन्होंने कहा कि जब से केंद्र में नरेंद्र मोदी की सरकार आई है। तब से देश तीव्रता से विकास की ओर अग्रसर हुआ है जो नक्सलवादियों को रास नहीं आ रहा है और वे ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इस बार पूरे बजट में बदलाव किया गया है।
अमीरों से टैक्स के रूप में लिया गया और मध्य वर्ग को कुछ दिया गया है। गरीब वर्ग का बजट में विशेष ध्यान रखा गया है। भाजपा सरकार आज अंत्योदय योजना को धरातल तक पहुंचने में जुटी है।