प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे से हिमाचल सरकार को क्या उम्मीद है। क्या उनके सामने कोई मांग रखेंगे? पत्रकारों के इस सवाल पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बोले - मेहमानों से कुछ नहीं मांगते। पीएम केंद्र की उड़ान योजना को लांच करने आ रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री ने इस दौरे को सियासी करार दिया।
कहा कि पीएम पार्टी के कार्यक्रम में आ रहे हैं। सीएम बुधवार को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल परिसर में पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत कर रहे थे। उनकी इस बात के बाद संशय बना हुआ है कि वे हिमाचल की मांगों पर प्रधानमंत्री को कोई ज्ञापन देंगे भी या नहीं।
सरकारी स्तर पर इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है। सीएम कार्यालय के सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री रविवार को नीति आयोग की बैठक में पीएम के सामने हिमाचल की मांगें उठा चुके हैं। केंद्र से कई विकासात्मक योजनाओं को पर्याप्त आर्थिक मदद नहीं मिलने का मामला उठाया था।
ऐसे में यह साफ नहीं है कि मुख्यमंत्री जुब्बड़हट्टी हवाई अड्डे पर पीएम के स्वागत के वक्त उन्हें कोई ज्ञापन देंगे या नहीं। पिछले साल जब पीएम मोदी मंडी आए थे तो सीएम ने उन्हें कई मांगों का ज्ञापन दिया था। पीएम बनने के बाद तब मोदी पहली बार हिमाचल आए थे।
मांगपत्र सौंप सकती है सरकार, ये हो सकती हैं मांगें
राज्य का केंद्र पोषित योजनाओं में अंशदान घटाने, राष्ट्रीय राजमार्ग 61 परियोजना में देरी सहित वित्तीय अनुदान बढ़ाने जैसे मुद्दों के शीघ्र निस्तारण को लेकर सरकार पीएम को मांगपत्र सौंप सकती है।
फिलहाल, सरकार के स्तर से यह स्पष्ट नहीं है कि पीएम के कार्यक्रम में सीएम की उपस्थित औपचारिक रहेगी या फिर दौरे को राजनीतिक बताने वाले वीरभद्र सिंह लंबित प्रकरणों की सूची उनके पेश कर सियासी दांव खेलेंगे।
आरोप लगाना ही भाजपा का काम
पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का काम आरोप लगाने का ही है। कांग्रेस कोरे उद्घाटन नहीं करती। 35 करोड़ की लागत से बने डीडीयू अस्पताल के उद्घाटन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा बताए क्या यह भी कोरा उद्घाटन है? मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कई भवनों और योजनाओं का उद्घाटन किया है, जिससे पूरा प्रदेश लाभान्वित हुआ है।
आईजीएमसी पर कम होगा काम का बोझ
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि डीडीयू अस्पताल शिमला के नए भवन के लोकार्पण के बाद आईजीएमसी शिमला पर काम कम होगा। मॉड्यूलर थियेटर जैसी सुविधाएं दीनदयाल अस्पताल शिमला में ही मिलेंगी, जो आईजीएमसी में भी नहीं हैं।
एक महीने में निपटाई जाएं स्वतंत्रता सेनानियों समस्याएं : वीरभद्र
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बुधवार को स्वतंत्रता सेनानी कल्याण बोर्ड की 18वीं बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा है कि स्वतंत्रता सेनानियों की सभी समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर एक महीने के भीतर किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वतंत्रता सेनानियों के घरों को संपर्क सड़कों से जोड़ रही है। उन्होंने इस सुविधा से वंचित स्वतंत्रता सेनानियों की सूची तैयार करने के निर्देश जारी किए।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों की ‘सम्मान राशि’ को बढ़ाकर 15 हजार रुपये किया है और इतनी ही बढ़ोतरी स्वतंत्रता सेनानियों की विधवाओं और अविवाहित बेटियों की पेंशन में की है। शीघ्र ही इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के अंतिम संस्कार के लिए सम्मान राशि को मौजूदा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया है।
स्वतंत्रता सेनानियों की विधवाओं की अंत्येष्टि के लिए आर्थिक सहायता को 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये किया गया है। स्वतंत्रता सेनानियों की पौत्रियों की विवाह अनुदान राशि को 21 हजार रुपये से बढ़ाकर 31 हजार रुपये किया गया है। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता सेनानियों की विवाहित लड़कियों और पौत्रियों को सरकारी नौकरियों में मौजूदा दो प्रतिशत आरक्षण के दायरे में लाने का भी आश्वासन दिया।
बैठक में सूचित किया गया कि कांगड़ा जिले के दाड़ी में सुकेत सत्याग्रह स्मारक की स्थापना के लिए भूमि लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित कर दी गई है। सीएम ने कहा कि विल्ली पार्क के निकट निर्माणाधीन परिधि गृह में पांच कमरे स्वतंत्रता सेनानियों और उनके आश्रितों के लिए आरक्षित रखे जाएंगे। सरकारी नौकरियों में स्वतंत्रता सेनानियों के आश्रितों के बैकलॉग को शीघ्र भरा जाएगा।