रैली निकाल उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। एसएफआई की राज्य कमेटी ने शनिवार को नीट पेपर लीक मामले को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर उपायुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया और राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।
प्रदर्शन का नेतृत्व एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर और राज्य सचिव सन्नी सेकटा ने किया। धरने को संबोधित करते हुए राज्य सचिव सन्नी सेकटा ने कहा कि नीट पेपर लीक के बाद देशभर में छात्र विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और परीक्षा प्रणाली की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि 10 वर्षों में कई राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं। उनका कहना था कि इससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है और परीक्षा प्रणाली पर भरोसा कमजोर पड़ा है।
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एसएफआई ने एनटीए से 21 जून को आयोजित नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा में शामिल अभ्यर्थियों की उपस्थिति का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की मांग की। संगठन का कहना है कि पहली परीक्षा में करीब 22 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे जबकि दूसरी बार हुई परीक्षा में इससे कम संख्या दर्ज होने पर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए। संगठन ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों के कारण विद्यार्थियों और उनके परिवारों पर मानसिक तथा आर्थिक दबाव बढ़ा है।
एसएफआई ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, पेपर लीक की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने की मांग दोहराई। राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि जब तक जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं होती और छात्रों को न्याय नहीं मिलता, तब तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा।