सीवरेज कनेक्टिविटी से महरूम राजधानी के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नगर निगम ने आने वाले पांच महीनों में पूरे शहर को सीवरेज कनेक्टिविटी देने के लिए एक विशेष प्लान तैयार किया है। निर्धारित समय पर प्लान पूरा हो जाए इसके लिए नगर निगम ने करीब दो करोड़ रुपये के एस्टीमेट पास कर दिए हैं।
नई सीवरेज लाइनें बिछाने के लिए टेंडर प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नगर निगम क्षेत्र के तहत पंथाघाटी, भराड़ी, विकासनगर, कृष्णानगर, मल्याणा और चम्याणा के कई इलाकों में सालों से सीवरेज कनेक्टिविटी नहीं है। सीवरेज लाइने न बिछी होने के कारण लोगों को घरों में सेप्टिक टैंक बनाने पड़ रहे हैं।
टैंक ओवर फ्लो होने पर गंदगी खुले में बहती है जिससे बीमारी फैलने का डर रहता है। नगर निगम के सर्वे के अनुसार शहर में अभी भी 1700 सेप्टिक टैंक है। नगर निगम ने शहर के कुछ क्षेत्रों में चार इंच की सीवरेज लाइन को
छह इंच से रिप्लेस करने की भी योजना है। नगर निगम ने टूटु में सीवरेज कनेक्टिविटी के लिए आईपीएच को 19 करोड़ की राशि भी जारी कर दी है। लेफ्ट आउट एरिया में सीवरेज कनेक्टिविटी के लिए नगर निगम ने एस्टीमेट पास कर दिए हैं।
नगर आयुक्त पंकज राय ने बताया कि पांच महीने के भीतर पूरे शहर को सीवरेज कनेक्टिविटी दे दी जाएगी। सीवरेज कनेक्टिविटी के लिए दो करोड़ के एस्टीमेट पास कर दिए गए हैं। नई सीवरेज लाइनें बिछाने के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
शहर में सीवरेज कनेक्टिविटी सुधारने के लिए नगर निगम के पास इस बार बजट की कोई कमी नहीं है। अमृत मिशन के तहत केंद्र सरकार ने सीवरेज कनेक्टिविटी के लिए करीब 24 करोड़ के वर्क अप्रूव किए हैं। जिसमें से मार्च माह में 15 करोड़ 88 लाख की पहली किस्त भी जारी होने वाली है।