केएनएच से स्टाफ को भेजा जा रहा आईजीएमसी, एक नर्स पर सौंपे गए हैं तीन कार्य
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सामान के लिए बार-बार करना पड़ता है आग्रह अमर उजाला ब्यूरो शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में गायनी वार्ड और ऑपरेशन थियेटर चलाने के लिए आवश्यक उपकरण नहीं मिल पा रहे। इसके अलावा स्टाफ की भी कमी है।
कमला नेहरू अस्पताल से सामान को भेजकर काम चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि सामान लेने के लिए बार-बार स्टाफ आग्रह करता है लेकिन समय पर सामान उपलब्ध नहीं हो पाता है। ऑपरेशन के दौरान उपकरण उपलब्ध न हो तो मरीज को सीधे तौर पर दिक्कत आती है। साथ ही ऑपरेशन भी नहीं हो पाता है। दूसरी ओर कमला नेहरू अस्पताल से नर्सिंग समेत चतुर्थ श्रेणी स्टाफ को भेज कर काम चलाया जा रहा है। इससे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। स्टाफ का कहना है कि अस्पताल के शिफ्ट करने के दौरान 50 फीसदी स्टाफ आईजीएमसी की ओर से देने के लिए कहा था लेकिन आज तक आईजीएमसी से स्टाफ तैनात नहीं हो पाया है। हालात यह है कि एक नर्स पर तीन-तीन कार्य सौंपे जा रहे हैं।
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ड्रग्स के साथ मॉनिटर समेत अन्य कार्य भी एक ही नर्स कर रही है। ओपीडी और वार्ड समेत अन्य व्यवस्थाओं को ठीक प्रकार से किया जाना है तो एक समय में 24 लोगों के स्टाफ की आवश्यकता है। वर्तमान में आईजीएमसी के गायनी विभाग में स्टाफ काफी कम है। आरोप है कि केएनएच स्टाफ से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। इससे काफी दिक्कतें आ रही है। गौरतलब है कि केएनएच में पहले से स्टाफ की कमी से जूझ रहा है। अब स्टाफ को कभी आईजीएमसी तो कभी केएनएच में ड्यूटी देनी पड़ रही है। स्टाफ को आईजीएमसी भेजने के बाद काफी कमी खलती है। केएनएच में भी प्रसूति महिलाओं को दिक्कतें आती हैं। कम सुविधाओं के साथ चलाए जा रहे गायनी विभाग से सरकार की कथनी और करनी में साफ अंतर देखने को मिला है।
कोट... गायनी ओपीडी और ओटी सही प्रकार से चल रहा है। महिला मरीजों को कोई दिक्कत नहीं आने दी जा रही है। ओपीडी और ऑपरेशन थियेटर में आवश्यक सामान को उपलब्ध करवा जा रहा है। किसी भी सामान की आवश्यकता है तो स्टाफ सीधे संपर्क कर सकता है। -डॉ. राहुल राव चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी