सुराल में बाहर से आने वाले सैलानियों के ठहरने के लिए कैंप की व्यवस्था की गई है। यहां रेस्टोरेंट या होटल की व्यवस्था नहीं है। सैलानी खुले आसमान के नीचे रात बिताने में खुश रहते हैं।
तीन देशों के 70 सैलानी बाइक पर सवार होकर जनजातीय क्षेत्र पांगी की वादियां निहारने के लिए सुराल भटोरी पहुंचे हैं। दिल्ली से बाइक पर ये सैलानी प्राकृतिक सुंदरता का नजारा लेते हुए वाया कुल्लू-मनाली होकर पांगी मुख्यालय किलाड़ पहुंचे।
विज्ञापन
यहां से वाया धरवास होते हुए सुराल भटोरी पहुंचे। चारों तरफ बर्फ से लदे पहाड़ों को देखकर सैलानी काफी खुश हैं। दो दिन से सैलानी सुराल में डेरा जमाए रहे। जहां टूरिस्ट गाइड वीर सिंह ने इनकी मेहमाननबाजी की। उन्होंने अपने टेंट में इन सैलानियों को ठहराया। उन्हें पांगी के पारंपरिक व्यंजन भी परोसे गए। उन्होंने दोबारा पांगी घाटी में आने का मन बनाया है।
टूरिस्ट गाइड वीर सिंह ने बताया कि विदेशी सैलानियों के दम में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और अफ्रीका के 70 सैलानी शामिल हैं। इनमें महिला सैलानी भी शामिल रहीं। इन्होंने सुराल भटोरी के हरे-भरे मैदान के साथ पहाड़ों के बीच बने पानी के फव्वारे का भी भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि सुराल में बाहर से आने वाले सैलानियों के ठहरने के लिए कैंप की व्यवस्था की गई है। यहां रेस्टोरेंट या होटल की व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन
सैलानी खुले आसमान के नीचे रात बिताने में खुश रहते हैं। इससे उन्हें रोमांच का अनुभव होता है। रात के समय सैलानियों के लिए कैंप फायर की भी व्यवस्था की गई है। ऐसे सैलानी आने से जिला चंबा में पर्यटन कारोबार को चार पंख लग सकते हैं। जिला प्रशासन और पर्यटन विभाग को इन सैलानियों की सुविधा के लिए उचित कदम उठाने चाहिए।