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मंडी: महिला डाकिया के घर में फिर मिलीं डाक से भरी सात बोरियां, पढ़ें पूरा मामला

Tue, 12 Oct 2021 08:12 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, सरकाघाट(मंडी)

सार

पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार महिला डाकिया के घर के बेड बॉक्स  और ट्रंक से फिर से सात डाक से भरी बोरियां मिली हैं। इस डाक को बांटा नहीं गया है। डाक विभाग डाक की सही संख्या को पता लगाने में जुटा हुआ है। 
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महिला डाकिया के घर मिलीं डाक से भरी बोरियां। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले के सुंदरनगर में पति को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार महिला डाकिया के घर के बेड बॉक्स  और ट्रंक से फिर से सात डाक से भरी बोरियां मिली हैं। इस डाक को बांटा नहीं गया है। डाक विभाग डाक की सही संख्या को पता लगाने में जुटा हुआ है। घर वालों को जैसे ही महिला के बेड बॉक्स और ट्रंक में पड़े पत्र दिखे तो उन्होंने तुरंत विभाग को इस संबंध में सूचित किया। सूचना मिलते ही विभाग के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और सभी पत्र करीब सात बोरियों में भरकर डाकघर सरकाघाट ले गए हैं। विभाग के की ओर से बुधवार को इनकी गिनती की जाएगी और इसके बाद लोगों तक इन पत्रों को पहुंचाया जाएगा। 

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जानकारी के मुताबिक मंगलवार को जब अरोपी महिला डाकिया के बच्चों के लिए उनके परिजन बेड बॉक्स और ट्रंक में कपड़े निकालने लगे तो वे हैरान हो गए। बेडबॉक्स और ट्रंक में हजारों पत्र पड़े हुए थे। इनमें सबसे अधिक आधार कार्ड, प्रमाण पत्र, रजिस्ट्रियां सहित अन्य तरह के जरूरी कागजात मिले। परिजनों ने तुरंत इसकी सूचना डाक विभाग को दी और विभाग ने सारे कागजात सात बोरियों में भरकर डाकघर पहुंचाए।  इसकी पुष्टि करते हुए डाकघर के निरीक्षक आशीष कुमार ने कहा कि करीब सात बोरियां डाक महिला कर्मचारी के घर से मिली हैं। बुधवार को इनकी जांच कर संबंधित लोगों तक पहुंचाने का काम शुरू होगा। इससे पहले भी महिला के घर से हजारों पत्र बरामद हुए थे, जिन्हें बांटा नहीं गया था।
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2020-21 के अधिकतर पत्र: सुनीता
नबाही पंचायत की प्रधान सुनीता देवी ने बताया कि महिला के घरवालों ने जब पंचायत को इस बारे में बताया तो पंचायत के प्रतिनिधियों ने वहां जाकर देखा कि बहुत से पत्र महिला ने बेड बॉक्स और ट्रंक में रखे हुए थे। जब इन पत्रों को देखा गया तो अधिकतर पत्र मौजूदा तिथि के थे। अधिकतर पत्र वर्ष 2020-21 के ही थे। कहा कि महिला कर्मचारी की इस लापरवाही के कारण बहुत से लोगों को कागजात ऑनलाइन ही निकालने पड़े हैं।

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