हिमाचल में पहली बार महिलाओं की ग्राम सभाएं होने जा रही हैं। इसमें रोजगार प्रमुख मुद्दा रहेगा। ग्राम सभाओं में महिलाएं स्वयं अपने लिए रोजगार के अवसर तलाशेंगी। अपने लिए योजनाएं बनाएंगी और इन योजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए पैसा प्रदेश सरकार देगी।
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रदेश सरकार पहली बार महिला ग्राम सभाएं करवाने जा रही है। यह ग्राम सभा साल में दो बार होगी। इस साल पहली ग्राम सभा 8 मार्च और दूसरी सितंबर महीने के पहले सप्ताह के रविवार को होनी निश्चित हुई है।
ग्राम सभा की अध्यक्षता महिला पंचायत प्रधान या उपप्रधान करेंगे। जहां महिला प्रधान या उपप्रधान नहीं होगी, वहां पंचायत वरिष्ठ वार्ड सदस्य महिला ग्राम सभा की अध्यक्षता करेंगी।
8 मार्च को महिला दिवस है। ऐसे में सरकार ने पहली ग्राम सभा 8 मार्च को निर्धारित की है। प्रदेश सरकार का मानना है कि यह व्यवस्था इसलिए की गई है कि आम सभा में महिलाएं अपने मुद्दे नहीं उठा पाती। गांव की महिलाएं अभी भी अपनी बात करने में हिचकिचाती हैं। ऐसे में अलग से महिला ग्राम सभा होने से महिलाएं खुलकर अपनी बात रख सकेंगी।
इन कार्यों पर होगी चर्चा- महिला ग्राम सभा में पंचायत में सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर, बच्चों को खेलने के लिए मैदान, पार्क, पंचायतों का सौंदर्यकरण, डेरी फार्म, कढ़ाई बुनाई आदि महिलाओं के रोजगार संबंधित प्रस्ताव लगाए जाएंगे।
इन प्रस्ताव को पारित करने के बाद मामला आम सभा में जाएगा, जहां इसे स्वीकृति दी जाएगी। हिमाचल में 3226 ग्राम पंचायतें- प्रदेश में 3226 के करीब ग्राम पंचायतें हैं, जहां साल में दो बार यह सभा होनी है।
पहली बार महिला ग्राम सभा- प्रदेश में महिला ग्राम सभा की तिथि निर्धारित की गई है। हिमाचल में एक साल के भीतर दो बार महिला ग्राम सभा होगी। इनमें महिलाएं बेझिझक अपनी मांगे रख सकती है। महिलाओं की योजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार पैसा देगी। -अनिल शर्मा, पंचायती राज मंत्री