प्रदेश के बहुचर्चित धारा-118 के तहत गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने की अनुमति देने के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार मामले की जांच कर रही विजिलेंस ने आवाज के सैंपल न देने वाले तीन आरोपियों को दोबारा नोटिस जारी किया है। नोटिस में तीनों आरोपियों को 17 फरवरी को पेश होने के लिए कहा है। तीनों आरोपियों को दो अन्य आरोपियों के साथ इससे पहले नोटिस जारी किया था, लेकिन सिर्फ दो ही आरोपी वॉयस सैंपल देने पहुंचे।
माना जा रहा है कि चूंकि कोर्ट वॉयस सैंपल लेने की अनुमति दे चुका है। ऐसे में सभी आरोपियों को सैंपल देना पड़ेगा। सूत्रों का कहना है कि सभी आरोपियों के सैंपल विजिलेंस के लिए इसलिए जरूरी हैं, जिससे इन सभी को फोन रिकॉर्डिंग में दर्ज आवाजों से मिलान कर केस को मजबूत किया जा सके। माना जा रहा है कि इस कथित रिकॉर्डिंग में ही प्रदेश के मुख्य चुनाव आयुक्त व पूर्व मुख्य सचिव पार्थ सारथी मित्रा से बातचीत की आवाज दर्ज है।
अगर आवाज का मिलान हुआ तो मित्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। उल्लेखनीय है कि मित्रा के प्रमुख सचिव राजस्व रहने के दौरान बड़ी संख्या में गैर कृषकों को हिमाचल में जमीन खरीदने के लिए धारा-118 की मंजूरी दी गई। आरोप है कि इस दौरान जमकर भ्रष्टाचार हुआ। पांच से दस लाख रुपये तक घूस ली गई। अकेले 2010 में ही राजस्व विभाग ने ढाई सौ से ज्यादा मामलों में 118 के तहत अनुमति दे दी। जिसके बाद से विजिलेंस अभी तक जांच कर रही है।