प्रदेश के मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी की रिटायरमेंट से पहले एचपी रेरा अध्यक्ष नियुक्त होने के साथ ही तीन महीने के सेवाविस्तार की चर्चा पर विराम लग गया है। साथ ही सूबे में नए मुख्य सचिव की दौड़ शुरू हो गई है। प्रदेश में मौजूद अधिकारियों में बाल्दी के बाद अनिल कुमार खाची सबसे वरिष्ठ अधिकारी हैं। इनके बाद अतिरिक्त मुख्य सचिव राम सुभग सिंह और निशा सिंह आते हैं।
माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर साल के आखिरी दिन मुख्य सचिव के नाम पर अपनी मुहर लगा सकते हैं। जयराम सरकार के सत्तासीन होने के कुछ ही महीने बाद मुख्यमंत्री कार्यालय में जगह बनाने में कामयाब रहने वाले डॉ. श्रीकांत बाल्दी को सरकार से नजदीकी का लाभ मिल ही गया। वीरवार को सरकार ने रेरा अध्यक्ष पद पर उनकी नियुक्ति के आदेश जारी कर दिए। उनके अध्यक्ष बनने के साथ ही अब सूबे में नए मुख्य सचिव की तलाश शुरू हो गई है।
पूर्व मुख्य सचिव बीके अग्रवाल के केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं और माना जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणों के चलते वह हिमाचल नहीं लौटेंगे। प्रदेश में मौजूद अफसरों में अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अनिल खाची बाल्दी के बाद सबसे वरिष्ठ हैं और हिमाचल से ताल्लुक रखने के चलते उनका नाम सबसे आगे है। हाल में विवादों में नाम आने के बावजूद अतिरिक्त मुख्य सचिव वन राम सुभग सिंह का नाम भी मुख्य सचिव की दौड़ में है। बताया जा रहा है कि सरकार आखिरी दिन नए मुख्य सचिव के नाम का एलान कर सकती है।