भतीजे की शादी के लिए मांगी थी अंतरिम जमानत संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में धन शोधन मामले के आरोपी विकास बंसल को अदालत ने अंतरिम जमानत देने से मना किया है। विशेष न्यायाधीश दविंदर कुमार की अदालत ने यह आदेश दिए हैं। विकास ने भतीजे की शादी के चलते अंतरिम जमानत के लिए आवेदन किया था। लेकिन अदालत ने आवेदन को खारिज दिया।
अदालत ने स्पष्ट किया है कि आवेदक भतीजे की शादी में रस्में निभाने और स्थानीय रीति-रिवाजों के लिए अपनी भूमिका दिखाने में विफल रहा है। कथित अपराध वर्ष 2014-15 का है। 16 नवंबर 2018 को पुलिस थाना छोटा शिमला में आरोपी अरविंद राज्टा सहित अन्य के खिलाफ मामला पंजीकृत हुआ है। 7 मई 2019 को यह मामला सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया। इस बीच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामले की जांच शुरू की। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 30 जनवरी 2025 को ईडी ने कालाअंब स्थित हिमालयन ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (एचजीपीआई) के एमडी रजनीश बंसल और इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड फ्यूचर मैनेजमेंट ट्रेंड्स (आईटीएफटी) के कार्यकारी निदेशक गुलशन शर्मा के न्यू चंडीगढ़ के आवासीय परिसरों सहित विभिन्न परिसरों में तलाशी ली थी। इस बीच ईडी की टीम ने रजनीश बंसल के भाई विकास बंसल और डॉ. गुलशन शर्मा को गिरफ्तार किया था। अब विकास के भतीजे की शादी 19,20 फरवरी को जीरकपुर, पंजाब में तय हुई है। दलील दी गई कि विभिन्न स्थानीय अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों को निभाने के लिए आवेदक की उपस्थिति आवश्यक है। अदालत ने अंतरिम जमानत के लिए आवेदन पर दलीलें सुनी गईं। तदनुसार, अदालत ने आवेदक को अंतरिम जमानत देने के लिए आवेदन खारिज किया है।