प्रदेश में स्कूलों और कॉलेजों में पढ़ने वाली आईआरडीपी परिवारों की हजारों छात्राओं की छात्रवृत्ति लटक गई है। ‘बेटी है अनमोल’ योजना के तहत पहली से स्नातक तक की छात्राओं को पास होने पर हर साल महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से 450 से लेकर 5000 रुपये छात्रवृत्ति दी जाती है।
यह छात्रवृत्ति जुलाई के पहले हफ्ते तक मिल जाती थी, लेकिन इस बार विभाग का कहना है कि ऑडिट आपत्ति के चलते फिलहाल इसे जारी नहीं किया गया है। यह राशि सीधे छात्राओं के खाते में जाती है, लेकिन इस बार ऑडिट ऑब्जेक्शन की वजह से अभी तक नहीं मिली है।
बिलासपुर में ही इस योजना के तहत 2018-19 में 77.50 लाख रुपये खर्च किए गए थे। जिले में इस योजना में 3479 बेटियां पंजीकृत हैं। महिला एवं बाल विकास अधिकारी नीलम शर्मा ने बताया कि ऑडिट में ऑब्जेक्शन लगा है।
सामाजिक न्याय एवं महिला विकास विभाग के निदेशक राजेश शर्मा ने बताया कि ऑडिट ऑब्जेक्शन के चलते छात्रवृत्ति को लेकर कुछ औपचारिकताएं पूरी होंगी, इसके बाद इसे जारी किया जाएगा।
एफडीआर योजना भी लटकी
जन्म के समय बेटियों के नाम की जाने वाली एफडीआर योजना भी इस बार लटक गई है। इस योजना में भी गरीब परिवार की बेटियां आती हैं। 12000 रुपये की एफडी जन्म के समय बेटी के नाम पर की जाती है। बेटी के 18 साल के होते ही यह राशि मिल जाती है।