पेयजल परियोजना पर खर्च होंगे 1825 करोड़, जलापूर्ति सेवाओं में आएगा सुधार : जयराम
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी को 24 घंटे पेयजल सुविधा देने के लिए तैयार किए सतलुज वाटर प्रोजेक्ट के प्रस्ताव को अब विश्व बैंक ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को बताया कि विश्व बैंक ने 1825 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय वाली शिमला जलापूर्ति एवं सीवरेज सर्विस डिलीवरी प्रोग्राम के नैगोसिएशन पैकेज को मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना के तहत ग्रेटर शिमला क्षेत्र में जलापूर्ति सेवाओं में सुधार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि कुल 1825 करोड़ रुपये में से विश्व बैंक 1168 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करेगा जबकि 657 करोड़ की राशि हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा वहन की जाएगी। यह परियोजना नगर निगम शिमला में 24 घंटे जलापूर्ति सुनिश्चित करने के अलावा सीवरेज सेवाओं को मजबूत करेगी। परियोजना के तहत वर्ष 2050 तक पानी की मांग को पूरा करने के लिए सतलुज नदी से अतिरिक्त 67 एमएलडी की जलापूर्ति की जाएगी। इससे कुफरी, शोघी, घणाहट्टी और अतिरिक्त योजना क्षेत्रों की वर्ष 2050 तक जल संबंधी आवश्यकताओं को पूरा किया जाएगा। यह परियोजना साल 2026 तक पूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में विश्व बैंक, भारत सरकार के आर्थिक मामलों के विभाग और प्रदेश के शहरी विकास विभाग के बीच जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।