जिला स्तरीय सराहन दशहरे मेले के पहले दिन खास भीड़ नहीं जुट पाई। इसके अलावा इस बार कई देवता भी नहीं आए हैं। इस कारण देवी देवता तो नाचे, लेकिन नाटी का दौर नहीं चल पाया। इस कारण मेले का रंग थोड़ा फीका रहा।
पहले दशहरा मेले में लोग जहां दूरदराज से नाटी डालने आते थे। इसका एक कारण कुल्लू जिला से बुलाए गए देवी देवताओं का न आना भी है। वहीं कुछ देवी देवता मंदिर परिसर से बाहर नहीं निकले।
हालांकि मेला कमेटी की ओर से कुल्लू और किन्नौर जिला समेत स्थानीय करीब दो दर्जन देवताओं को निमंत्रण भेजा गया था, जबकि मेले में सिर्फ 11 देवताओं ने ही शिरकत की है।
मेले में लोगों की कम भीड़ होने के कारण स्थानीय और बाहर से आए व्यापारियों का धंधा भी मंदा रहा। न्यास के उपाध्यक्ष एसडीएम रामपुर दलीप नेगी और मंदिर अधिकारी बीआर नेगी का कहना है कि चार और पांच अक्तूबर को सांस्कृतिक संध्या में किन्नौरी कलाकारों के अलावा स्थानीय कलाकार और स्कूली बच्चे अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
वहीं, रविवार को सुबह सभी देवी-देवता मंदिर से बाहर निकलकर पूरा दिननाटी का दौर जमाएंगे और इसके देवलुओं की सांस्कृतिक लोकनृत्य और वाद्य यंत्रों की प्रतियोगिता होगी।