मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी
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मुख्य संसदीय सचिव संजय अवस्थी ने विपक्ष पर जुबानी हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ उसे कोई मुद्दा नहीं मिल रहा है। पिछली सरकार के कार्यकाल में जनमंच कार्यक्रम में विपक्ष के लोग छह करोड़ रुपये के फुल्के खा गए। भाजपा को खुद इस प्रकरण की जांच करनी चाहिए। दो साल के कार्यकाल में कांग्रेस के एक भी नेता पर भ्रष्टाचार के आरोप नहीं लगे हैं। विपक्ष हिमाचल प्रदेश को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का नाम ऐसे प्रकरण से जोड़ा जा रहा है, जिसमें उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
अवस्थी बोले कि मुख्यमंत्री का नाम समोसा प्रकरण से जोड़ना विपक्ष की साजिश है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की स्थायी सरकार को अस्थिर करने का एक और प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिनके अपने घर शीशे के होते हैं, वह दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते हैं। सोमवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में अवस्थी ने कहा कि वर्तमान सरकार हर उस मामले की जांच को प्रतिबद्ध है, जिसमें भ्रष्टाचार हुआ हो। कोविड काल में जहां एक तरफ पूरा विश्व महामारी से जूझ रहा था, वहीं भाजपा नेताओं ने घोटाले किए और पार्टी अध्यक्ष को तो इस्तीफा देने की नौबत आ गई। इसी तरह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर परीक्षाओं के प्रश्नपत्र बेचे गए।
भाजपा सरकार ने जनमंच और स्थापना दिवस कार्यक्रम के नाम पर 16 करोड़ रुपये फूंक दिए। चुनाव जीतने के लिए पूर्व सरकार ने कर्मचारियों के लिए 10,600 करोड़ रुपये के संशोधित वेतन और महंगाई भत्ते की घोषणा तो की, पर एरियर का भुगतान नहीं किया गया। अवस्थी ने कहा कि विपक्ष की भी सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। दो वर्ष में व्यवस्था परिवर्तन से शुरुआत कर सीएम सुखविंद्र सिंह सरकार ने कई कार्य किए हैं। कहा कि विपक्ष के नेता वे दिन याद करें, जब उन्होंने कर्मचारियों को इस्तीफा देकर चुनाव लड़ने की बात कही थी। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अभी-अभी भगवा चोला पहना, वह भी इसे तूल दे रहे हैं। गुटों में बंटी भाजपा जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है।